आंसू बने अंगारे, 24 घण्टे में राकेश टिकैत के समर्थन में उमड़ा किसानों का जनसैलाब

जयपुर। लगातार 65 दिन से धरने पर बैठे किसानों (kisan andolan) में अचानक से शुक्रवार को नई ऊर्जा गई। गुरुवार की देर शाम जैसे ही किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh tikait) मीडिया के सामने रोए तो उसके बाद पूरे देश भर के किसानों का जनसमर्थन उनको हासिल हो गया।

बीते 24 घंटे में ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत देश के विभिन्न राज्यों से किसानों का जनसैलाब दिल्ली की तरफ उमड़ पड़ा है। गाजीपुर बॉर्डर वाले राकेश टिकैत के मंच पर जहां गुरुवार शाम को चंद लोग मौजूद थे वहां पर अब पैर रखने की जगह नहीं है।

चौधरी राकेश टिकैत के किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी भी शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। वहां पर उन्होंने कहा कि किसानों की मांगे जायज है और जब तक नहीं मानी जाएगी, तब तक किसानों का आंदोलन खत्म नहीं होगा।

इसी दौरान बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर में एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें हजारों किसानों ने शिरकत की है और पंजाब की तरह अब हरियाणा के और राजस्थान के किसान भी दिल्ली को गिरने का काम करेंगे। किसान मसीहा महेंद्र टिकट के बेटे राकेश टिकैत के समर्थन में किसानों ने हुंकार भरी है।

आपको बता दें कि हिंदुस्तान में अब तक किसानों को एक झंडे के नीचे लाने वाले सबसे बड़े नेता चौधरी महेंद्र टिकट के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह भी ऐसे नेता थे, जिनकी एक आवाज पर देशभर के किसान एक साथ खड़े हो जाते थे।

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Rashtriya Lok Dal कि नेताओं के समर्थन के बाद इस आंदोलन के कमजोर होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि अब तक किसान आंदोलन से राजनीतिक दलों को दूर रखा गया था, लेकिन शुक्रवार को ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किसानों को 1 इंच पीछे हटने से मना किया है।

इधर, शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर के अलावा टिकरी बॉर्डर, शाहजहांपुर बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर भी किसानों के साथ पुलिस का तनाव जारी है। कई जगह पर पत्थरबाजी होने की सूचनाएं भी आई है। इसके साथ ही दिल्ली में एक गाड़ी में विस्फोट होने की खबर भी आ रही है।