असिस्टेंट कमाण्डेन्ट शंकरलाल जाट दूसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हुए

जयपुर। राजधानी जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर फागी के केरिया गांव निवासी असिस्टेंट कमांडेंट शंकरलाल जाट ने दूसरी बार राष्ट्रपति पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है।

जम्मू-कश्मीर के वान्दीपुरा जिले के हाजिन गाँव में 21 मार्च 2019 को आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में पाकिस्तान के दो लश्कर-ए-तौइबा के आतंकियों को खत्म कर अपने व आम नागरिकों की जान बचाने वाले ग्राम केरिया, फागी, जिला जयपुर हाल झोटवाड़ा निवासी शंकर लाल जाट असिस्टेंट कमाण्डेंट को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति की ओर से वीरता के लिए पुलिस पदक (दूसरी बार) दिये जाने की घोषणा की गई है।


शंकर लाल जाट असिस्टेंट कमाण्डेंट ने बताया कि 21 मार्च, 2019 को हाजिन गाँव के मीर मौहल्ले में एक घर में कुछ आतंकियों की छिपने व घरवालों को बंदी बनाये जाने की खबर मिली।

मैंने अपनी टीम की कमान करते हुए पुलिस व आर्मी के साथ उस घर को घेर लिया। मैंने अपने साथी के साथ घर के सामने हमारी तरफ से फायर किया।

इसके बाद हमने एक टीम बनाकर रूप इन्टरवेंशन करके घर में घुसे एवं उनको घर में घुसकर दो आतंकवादियों को मार गिराया एवं बंदी बनाये गये दो घरवालों की जान बचाई।

अपनी जान को जोखिम में डालकर दो सिविल लोगों की जान बचाकर दो आतंकियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन के लिए उनको सीआरपीएफ के डीजीपी द्वारा डीजी डिस्क से भी सम्मानित किया गया।


जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में रहने वाले शंकर लाल जाट गाँव-केरिया, तहसील-फागी के मूल निवासी हैं। इनके पिता चतुर्भुज जाट एक किसान व माता गृहिणी हैं। उनके पिता का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत गर्व है और फक्र है कि उन्होंने देश के दुश्मनों को मारकर अपना फर्ज निभाया।

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शंकर लाल जाट को पहले भी राष्ट्रपति की ओर से वीरता के लिए पुलिस पदक 2018 में कश्मीर के सुम्बल में चार आतंकियों को मार गिराने के लिए मिल चुका है।

शंकरलाल कहते हैं कि यह देशभक्ति का जुनून ही था कि जिसकी वजह से शिक्षक में चयन होने के बाद भी उन्होंने सीआरपीएफ में जाने का फैसला किया।

2010 में यूपीएससी की परीक्षा पास करके 2013 में एक साल का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर कश्मीर जैसे अतिसंवेदनशील इलाके सुम्बल हाजिन में 45वीं बटालियान सीआरपीएफ में तैनात हुए, जो आतंकवाद से ग्रसित था।

शंकरलाल जाट को गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2021 के मौके पर राष्ट्रपति की ओर से वीरता के लिए दूसरी बार पुलिस पदक दिये जाने की घोषणा की गई है।