कोर कमेटी की पहली बैठक में सबकी नजरें वसुंधरा राजे पर होंगी

-भाजपा ‘‘कोर कमेटी’’ की प्रथम बैठक आज। प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह एवं प्रदेश सह-प्रभारी डाॅ. भारती बेन शियाल का जयपुर में एक दिवसीय प्रवास कार्यक्रम।

जयपुर।

भाजपा की एक दिन पहले ही गठित की गई कोर कमेटी की पहली बैठक रविवार को आयोजित होगी। इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा और निगाहें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर होंगी। जिनको लेकर पिछले कई दिनों से तमाम तरह की कयासबाजी लगाई जा रही है।

यहां तक कि शनिवार को देर शाम तक तो यह भी साफ नहीं हो पाया कि इस बैठक में राजे शामिल भी होंगी या नहीं। बैठक 24 जनवरी को शाम 4.00 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित होगी। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद दूसरी बार जयपुर आ रहे अरुण सिंह इस बैठक में शामिल होंगे।

राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह का जयपुर में एक दिवसीय कार्यक्रम रहेगा। इस दौरान अरूण सिंह प्रदेश के संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे। दोपहर 12.00 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करेंगे।

दोपहर 1.00 बजे प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह की प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक होगी, जिसमें प्रदेश सह-प्रभारी डाॅ. भारती बेन शियाल, प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, मदन दिलावर, सुशील कटारा, दीया कुमारी उपस्थित रहेंगी।

‘‘कोर कमेटी’’ में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे, राज्यसभा सांसद ओमप्रकाश माथुर, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत, कनकमल कटारा, सी.पी. जोशी एवं ‘‘कोर कमेटी’’ में विशेष आमंत्रित सदस्य राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश सह-प्रभारी डाॅ. भारती बेन शियाल, राष्ट्रीय मंत्री डाॅ. अलका सिंह गुर्जर हैं।

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पिछले दिनों भाजपा ने पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनाव में उल्लेखनीय सफलता पाई है, और क्योंकि यह सफलता ऐतिहासिक रही है तो ऐसे जहां वसुंधरा राजे समेत तमाम सीनियर नेता अपनी-अपनी बात रखेंगे, वहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां कमेटी में पहली बार हिस्सा लेकर अपनी सफलता को सबके सामने रखने का भी काम करेंगे।

किन्तु सभी की नजरें वसुंधरा राजे पर होंगी और यदि वह नहीं आती हैं तो भाजपा की कथित अंदरुनी कलह खुलकर सामने भी आ जायेगी।

वैसे भी देवदर्शन यात्रा को लेकर तमाम तरह की चर्चा ने वसुंधरा राजे गुट के संभावित सियासी दबाव को लेकर भाजपा नेताओं ने मुंह बंद कर रखा है तो दूसरी ओर डॉ. पूनियां की शुरू हो चुकी यात्रा से सम्बंधित मंथन पर भी चर्चा हो रही है।