सचिन पायलट किसी पद के मोहताज नहीं, सैंकड़ों गाड़ियां, हज़ारों की भीड़ देती है गवाही

जयपुर। यूं तो कोई नेता जब सत्ताधारी होता है, तब जनता उसके इर्द-गिर्द भीड़ के रूप में दिखाई देती है, किन्तु लगता है राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट किसी पद के मोहताज नहीं, यह बात पायलट समर्थकों ने गुरुवार को फिर साबित कर दी। पायलट गुरुवार को सीकर जिले के रींगस में शहीद महेश कुमार मीणा की मूर्ति का अनावरण करने पहुँचे थे।

इस दौरान सचिन पायलट का सीकर जाते व्यक्त रास्ते मे हर 5 किलोमीटर पर हजारों कार्यकर्ताओं के द्वारा 50 से अधिक जगह स्वागत किया गया। सचिन पायलट लगभग 400 से अधिक गाड़ियों के काफिले एवं लगभग एक दर्जन से ज्यादा विधायक के साथ रींगस पहुँचे।

सचिन पायलट का यह काफिला जयपुर से हरमाड़ा, राजावास, रामपुरा, जैतपुरा, चौमू, हाडौता उदयपुरिया मोड़, गोविंदगढ़, सिंगोध, डोडसर, सरगोठ, रींगस तक हर जगह हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सचिन पायलट का स्वागत करने के लिए उत्साहित दिखे।

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पीसीसी के पूर्व चीफ सचिन पायलट को रींगस पहुँचने पर रींगस से गांव लाम्पुंवा तक, जहां शहीद का गांव है, 500 मोटरसाइकिलों के द्वारा एक रैल्ली निकाली गई। कहने का मतलब यह है कि पायलट के जो काफिले जोधपुर, पाली, अजमेर, दौसा, भरतपुर और टोंक जाते वक्त दिखे, वही नजारा यहां दिखा।

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