AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को मनाने में जुटी है कांग्रेस!

जयपुर। एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को मनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस इकाई पूरी तत्परता से जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में हैं, जो सीधे ओवैसी से बात करके उनको कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए राजी कर सकें।

कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा गुजरात में भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ गठबंधन करने के बाद राजस्थान में भी भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ ओवैसी का गठबंधन होने की पूरी खबर मिल रही है, जिसके कारण कांग्रेस की हालत पतली हो रही है।

इधर कांग्रेस के कुछ सूत्र यह भी दावा करते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच अच्छे राजनीतिक संबंध हैं। इसके चलते अशोक गहलोत इसलिए भी सकते में हैं, क्योंकि अगर सचिन पायलट नहीं कहेंगे, तब तक असदुद्दीन ओवेसी कांग्रेस के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि इन दिनों सचिन पायलट अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक में 2 दिन के दौरे पर हैं। यहां पर सचिन पायलट किसानों को केंद्र सरकार के द्वारा हाल ही में बनाए गए तीन कृषि कानूनों के लिए जागृत करने का काम कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही पायलट राज्य में 90 नगर निकाय के चुनाव के लेकर किसी तरह का प्रचार प्रसार पार्टी के लिए नहीं कर रहे हैं, जो भी चर्चा का विषय है।

प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की 39 लोगों की एक सूची सामने आ चुकी है, जिसमें सचिन पायलट के लोगों को कम महत्व दिए जाने के आरोप लग रहे हैं। इसके चलते कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद जल्द ही सात-आठ लोगों की एक और सूची जारी की जाने की चर्चा है, जो सचिन पायलट के लोगों को ज्यादा तवज्जो देकर जारी की जाएगी।

यह भी पढ़ें :  तीनों उपचुनाव में कांग्रेस की हार तय, भाजपा की होगी बड़ी जीत: डाॅ. सतीश पूनियां

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी इससे पहले बिहार में चुनाव लड़ चुकी है, जहां पर आशा अनुकूल सफलता मिलने के बाद पार्टी ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भी ताल ठोक दी है। इसके अलावा अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी चुनाव लड़ने का फैसला किया है। साथ ही गुजरात और राजस्थान में भी एक-दो दिन ओवैसी की पार्टी ऐसे पार्टनर की तलाश कर रही है, जो भाजपा-कांग्रेस से अलग हो।

गुजरात में भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ असदुद्दीन ओवैसी का गठबंधन होने के बाद राजस्थान इकाई खासी परेशान बताई जा रही है, क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी राजस्थान में भी भारतीय ट्राईबल पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जैसे क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करके कांग्रेस भाजपा को करारी मात देने के लिए तैयारी कर रही है।

आपको ज्ञात होगा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात के प्रभारी राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे और आगे भी उनको प्रभारी बनाए जाने की संभावना है। ऐसे में अगर गुजरात में भारतीय ट्राइबल पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का गठबंधन करके भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दी है तो इससे सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा और अशोक गहलोत के राजनीतिक कैरियर पर पूर्णविराम लगाने के लिए यह गठबंधन मील का पत्थर साबित हो सकता है।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी को असदुद्दीन ओवैसी के चुनाव लड़ने से जहां बिहार में फायदा हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल में भी लाभ मिलने की संभावना है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश गुजरात और राजस्थान में भी अगर ओवैसी की पार्टी चुनाव लड़ती है, तो भाजपा को सीधे तौर पर बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद की जा रही है

यह भी पढ़ें :  आप भी पा सकते हैं 55 हज़ार रुपए महीना छात्रवृत्ति, यह करना है आपको