सचिन पायलट जिंदाबाद से उखड़े अशोक गहलोत, डेढ़ घंटे में दो शब्द नहीं बोले दोनों

जयपुर। केंद्र सरकार के द्वारा बनाया गया तीन कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के द्वारा 3 जनवरी को जयपुर में धरना दिया गया, उसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कांग्रेस के अध्यक्ष कौन सिंह डोटासरा व पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे, लेकिन डेढ़ घंटे के इस धरने में अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने एक बार भी बातचीत नहीं की।

आपको याद दिला देना कि जब जुलाई और अगस्त के महीने में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में राजनीतिक जीवन शुरू हुआ था, तब अशोक गहलोत ने दावा किया था कि सरकार का डेढ़ साल पूरा हो गया है लेकिन इस डेढ़ साल के दौरान उनकी सचिन पायलट से बातचीत नहीं हुई है।

किसानों के समर्थन में दिए गए कांग्रेस के इस धरने के वक्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में डेढ़ घंटे के दौरान भी बात नहीं होना अशोक गहलोत की उस बात को पुख्ता करता है जो उन्होंने राजनीतिक लड़ाई के वक्त कही थी, किंतु सवाल यह खड़ा होता है कि दोनों के बीच बात क्यों नहीं हो रही है?

अशोक गहलोत और सचिन पायलट में इस धरने के दौरान किसानों के समर्थन में जितना कुछ कहना था संभवत उससे ज्यादा और दोनों में होड़ इस बात में लगी हुई थी कि भाजपा, आरएसएस, मोदी, शाह, नड्डा को सबसे ज्यादा कौन कोस पाता।

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एक और जहां अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को निकम्मा और नाकारा कहा तो दूसरी तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राष्ट्रवाद के नाम पर एक बार फिर से आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए इनको नकली राष्ट्रवादी करार दे दिया।

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मजेदार बात यह है कि धरने के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाए तो अशोक गहलोत उखड़ गए उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक तरह से तंग करते हुए चुप रहने को कह दिया, हालांकि इस दौरान असमंजस की भी जोरदार स्थिति बनी रही।

धरने के बाद रात को डिनर डिप्लोमेसी के तहत कांग्रेस के सभी विधायकों को अशोक गहलोत के द्वारा डिनर दिया गया, किंतु इस दौरान भी कई विधायक अशोक गहलोत से दूर रहे सचिन पायलट से मिलते हुए ज्यादा नजर आए।

उल्लेखनीय है कि दोनों नेताओं के बीच इन दिनों एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और कांग्रेस के संगठन में नियुक्तियों को लेकर खींचतान मची हुई है। दोनों नेताओं के बीच फंसे पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जयपुर और दिल्ली के बीच में लगातार दौड़ लगा रहे हैं।