गहलोत के नाकारा, निकम्मा, नालायक जनता नहीं भूली

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ”नादान, नाकारा, निकम्मा और नालायक” जैसे शब्दों को अभी तक नहीं भूले हैं।

उन्होंने चार महीने पहले भी इन्हीं शब्दों का उपयोग किया था, तब निशाना कहीं ओर था और आज भी वही शब्द हैं, पर निशाना कहीं ओर है। मुख्यमंत्री कहीं एक तीर से दो शिकार तो नहीं कर रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री ने चुनी हुई केन्द्र सरकार के खिलाफ निम्न स्तर की टीका-टिप्पणी कर सरकार के संघीय ढांचे का अपमान किया है और लोकतंत्र पर चोट पहुंचाई है।

ऐसी भाषा का उपयोग लोकतांत्रिक शुचिता के लिए ठीक नहीं है। मेरी सलाह है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए हर एक शब्द को नाप-तौल कर ही बोलें।

गौरतलब है कि केंद्र के द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार की ओर से रविवार को धरना दिया गया, जिसमें अशोक गहलोत ने खुद केंद्र सरकार के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की है।

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