राजस्थान के 16 लाख बेरोजगारों को झटका, 4400 पदों की भर्ती रदद्

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस भले ही बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने और बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करके सत्ता में आई हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि पेपर लीक होने के कारण और अन्य कारणों की वजह से एक के बाद एक कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।

मंगलवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वारा पहले कनिष्ठ अभियंता (सिविल) ₹डिग्रीधारी) संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2020 रद्द की गई, जो कि 6 दिसंबर को आयोजित की गई थी।

उसके बाद बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बीएल जतावत की तरफ से एक और प्रेस नोट जारी करके नए साल में होने वाली पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा-2019 को भी रद्द कर दिया गया है।

4400 पदों पर इस परीक्षा में 16 लाख अभ्यर्थी बैठने थे, लेकिन 10 जनवरी, 17 जनवरी और 24 जनवरी को होने वाली इस परीक्षा को बोर्ड के द्वारा प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया गया है।

भर्ती परीक्षा रद्द होने को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा का कहना है कि पिछले दिनों बेरोजगारों के द्वारा इसको लेकर उनको शिकायत की गई थी। जिसके बाद उन्होंने पेपर लीक से संबंधित बातों को सरकार के समक्ष रखते हुए कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा रद्द करने और पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा करवाने के लिए सरकार से कहा था। सरकार ने उनकी एक मांग को माना है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई है और बेरोजगारों कोई एक बार फिर से इस परीक्षा के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

इधर राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि सरकार को ऐसे अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर जिम्मेदारी डालनी चाहिए जिनके द्वारा बेवजह परीक्षा रद्द करके बेरोजगार अभ्यर्थियों के भविष्य पर कुठाराघात किया जाता है।

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