किसानों के समर्थन में गए बेनीवाल अलग क्यों बैठे हैं?

जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल अपनी पार्टी के तीनों विधायकों और तमाम पदाधिकारियों के साथ शाहजहांपुर बॉर्डर पर जाकर बैठे हैं।

हनुमान बेनीवाल लगातार तीसरे दिन दिल्ली जयपुर हाईवे पर अपने समर्थकों के साथ बैठे रहे। उन्होंने दावा किया कि अगले दो-चार दिन में वह रणनीति बनाएंगे और उसके बाद आवश्यकता पड़ी तो दिल्ली की तरफ कूच करेंगे।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हनुमान बेनीवाल जब किसानों के समर्थन में दिल्ली कूच कर रहे हैं तो आखिर ऐसा क्या कारण है कि शाहजहांपुर बॉर्डर पर जहां अन्य किसान संगठन ठहरे हुए हैं, उनके साथ हनुमान बेनीवाल अभी तक क्यों नहीं हुए हैं।

क्योंकि हनुमान बेनीवाल और उनके समर्थक अन्य किसान संगठनों से काफी दूर बैठे हैं और इसका फायदा भी शायद किसान विरोधी लोग उठा रहे हैं। हनुमान बेनीवाल पैसे तो किसानों के समर्थन में गए हैं, लेकिन किसानों के साथ नहीं होने के कारण उनकी इस गतिविधि पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर बैठे किसानों ने पहले ही दिन से दावा किया था कि वे लोग राजनीतिक दलों का सहारा नहीं लेंगे, लेकिन पिछले दिनों भारत बंद के दौरान और अब जयपुर दिल्ली हाईवे पर वामपंथी पार्टी के कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इसको अप्रैल के चलते किसानों का दावा भी फीका का बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल कभी भी लंबे धरने और प्रदर्शन करने के लिए नहीं जाने जाते हैं। हालांकि हनुमान बेनीवाल अपने लाखों समर्थकों के साथ कई बड़ी रैलियां कर चुके हैं, लेकिन अधिक दिनों तक धरने प्रदर्शन करना हनुमान बेनीवाल के मिजाज में नहीं है।

यह भी पढ़ें :  अशोक गहलोत के प्रचार नहीं करेंगे सचिन पायलट

ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर हनुमान बेनीवाल अपनी पार्टी विधायकों और पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ही समर्थकों के साथ कब तक शाहजहांपुर बॉर्डर पर बैठे रहेंगे?