सचिन पायलट रोकने के लिए हरीश चौधरी को सीएम बनाना चाहते हैं गहलोत!

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई का अभी पटाक्षेप होने की संभावना साफ नजर आने लगी है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान से विदा होने ही वाले हैं, लेकिन वह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते हैं। गहलोत चाहते हैं कि उनके खास और राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री बने।

जानकारी में आया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जनवरी के अंत में या फरवरी तक राजस्थान से कांग्रेस आलाकमान दिल्ली बुला लेगा। बताया जा रहा है कि संवैधानिक तौर पर फरवरी के अंत तक कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना जरूरी हो गया है तो इसके साथ ही कोषाध्यक्ष के लिए भी अशोक गहलोत को राजी किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस आलाकमान राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाये जाने की नीति पर विचार कर रहा है, जिसपर लंबे समय तक अहमद पटेल रहे थे। अहमद पटेल के निधन के बाद जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को व्यक्तिगत नुकसान हुआ है तो उसके साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की कुर्सी भी खाली पड़ी है।

कुछ सूत्रों का यह भी दावा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अगर कोषाध्यक्ष पद के लिए राजी नहीं होते हैं, तो क्योंकि सोनिया गांधी के विश्वसनीय होने के कारण और कांग्रेस ने बड़े नेताओं के द्वारा गांधी परिवार से अध्यक्ष बनने से रोकने की प्रक्रिया अपनाई जाने के कारण अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है।

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संभवत अशोक गहलोत को इस सारी जानकारी का एहसास लगभग 1 महीने पहले ही हो चुका है, ऐसे में अशोक गहलोत राष्ट्रीय स्तर की राजनीति करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जिस तरह से करीब एक पखवाड़े से अशोक गहलोत लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमले कर रहे हैं, उससे साफ है कि वह जल्द ही राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने वाले हैं।

लेकिन फिर भी अशोक गहलोत राजस्थान को यूंही छोड़ना नहीं चाहते हैं। उनको पता है कि अगर वह राजस्थान से यूं ही निकल जाते हैं तो उनके सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मनी, यानी सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री बन जाएंगे, जो उनको कतई मंजूर नहीं है।

इसके चलते जानकारी है आई है कि सचिन पायलट को रोकने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री राजस्व मंत्री हरीश चौधरी को बनाए जाने के लिए कांग्रेस आलाकमान को शर्त रख दी है। अगर कांग्रेस आलाकमान हरीश चौधरी को मुख्यमंत्री बनाता है तो अशोक गहलोत के एक तीर से दो शिकार हो जाएंगे।

एक तरफ जहां 1998 से लेकर अब तक राजस्थान का जाट समाज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज हैं तो दूसरी तरफ भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल के तोड़ पर जाट समाज को खुश करने के लिए हरीश चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर अपने यस मैन को राजस्थान की सत्ता सौंपकर अशोक गहलोत केंद्र की राजनीति करना चाहते हैं। ऐसे सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनने से रोका भी जा सकेगा।

अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की इस राजनीतिक लड़ाई का अंत क्या होता है, लेकिन इतना तय है कि अशोक गहलोत कैबिनेट के मंत्री धीरे-धीरे सचिन पायलट खेमे में जोड़ते जा रहे हैं।

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कुछ दिनों पहले जैसे पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सचिन पायलट से मुलाकात की थी तो 2 दिन पहले ही चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने सचिन पायलट के साथ अजमेर का 7 घंटे का एक ही कार में दौरा किया था, उसके बाद राजनीति में चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है।

माना जा रहा है कि प्रदेश के मंत्रियों का इस चीज का एहसास हो चुका है कि राजस्थान में अगला मुख्यमंत्री सचिन पायलट ही होंगे। ऐसे में अशोक गहलोत के एक करीबी मंत्री भी अब धीरे-धीरे सचिन पायलट से नजदीकियां बढ़ाने के तमाम प्रयास शुरू कर चुके हैं।