अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे का नार्को टेस्ट होना चाहिए: हनुमान बेनीवाल

जयपुर। 2 वर्ष पूर्ण होने पर एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी पूरी सरकार जश्न मनाने में डूबी हुई है तो दूसरी तरफ से विपक्ष के द्वारा अशोक गहलोत की सरकार को पूरी तरह से विफल करार देते हुए राजनीतिक तौर पर हमले किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल जो कि एनडीए के घटक दल भी हैं, उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दोनों का गठबंधन है और अब यह जगजाहिर हो चुका है। एक के बाद एक लगातार 7 ताबड़तोड़ ट्वीट करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि दोनों नेताओं का नार्को टेस्ट होना चाहिए।

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जब हनुमान बेनीवाल भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचे थे, तब पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि एनडीए का घटक दल होने के कारण उनको भाजपा की गाइड लाइन के अनुसार चलना पड़ता है, लेकिन अब जिस तरह से हनुमान बेनीवाल वसुंधरा राजे के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुके हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में वह भाजपा का साथ छोड़ सकते हैं।

तब भाजपा के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के द्वारा हनुमान बेनीवाल को हिदायत दी गई है और क्योंकि वसुंधरा राजे भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं इसलिए उनके खिलाफ हनुमान बेनीवाल का बयान देना घटक दल के रूप में अशोभनीय है।

हनुमान बेनीवाल ने अपने ट्वीट में कहा कि “2 वर्षों से प्रदेश में अपराध चरम पर है,महिला अपराधों से राजस्थान को शर्मसार होना पड़ा उसके बावजुद वसुंधरा राजे का कोई बयान तक नही आया और @INCRajasthan की तरफ से जब भी @BJP4Rajasthan पर आरोप लगे तब राजे अक्सर चुप ही नजर आई,यह बातें राजे-गहलोत के गठजोड़ की कहानी को बयां करती है।”

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बेनीवाल ने दूसरे ट्वीट में लिखा, “श्री अशोक गहलोत व श्रीमती वसुंधरा राजे दोनों फौजमार कप्तान है और इनके गठजोड़ व कारनामो से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दोनों ने @INCRajasthan व @BJP4Rajasthan का बंटाधार करने की सुपारी ले रखी है !”

उन्होंने तीसरे ट्वीट में लिखा “हाल ही में राजस्थान में जब कोंग्रेस पार्टी की आपसी लड़ाई से सियासी संकट आया उसमें श्रीमती राजे ने भाजपा का पक्ष लेने की बजाय गहलोत सरकार को बचाने में पूरी मदद की व उनके सियासी सिपाही उस समय अक्सर गहलोत जी के आवास पर नजर आते थे !”

फिर लिखा, “राजस्थान में खान घोटाले, माथुर आयोग बनाकर लीपापोती करना,एकल पट्टा प्रकरण,बजरी व परिवहन घोटाला,फन किंगडम स्कैम सहित ऐसे कई उदाहरण है जिनमे गहलोत-वसुंधरा ने एक दूसरे की मदद करके एक दूसरे को कानूनी कार्यवाही से बचाया !”

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और साथ ही, “2 वर्षों से प्रदेश में अपराध चरम पर है,महिला अपराधों से राजस्थान को शर्मसार होना पड़ा उसके बावजुद वसुंधरा राजे का कोई बयान तक नही आया और @INCRajasthan की तरफ से जब भी @BJP4Rajasthan पर आरोप लगे तब राजे अक्सर चुप ही नजर आई,यह बातें राजे-गहलोत के गठजोड़ की कहानी को बयां करती है।”

इसके साथ ही लिखा है, “राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का नार्को टेस्ट होना चाहिए क्योंकि विगत 22 वर्षों से इन दोनों के आपसी गठजोड़ से जनता त्रस्त है व दोनों ने एक दूसरे के भ्र्ष्टाचार पर पर्दा डाला है…”

वसुंधरा-गहलोत गठजोड़ बताते हुए बेनीवाल ने लिखा, “गहलोत-वसुंधरा के गठजोड़ की सच्चाई जनहित में मजबूती से सामने आना आवश्यक है इसलिए पीएम श्री @narendramodi व गृह मंत्री श्री @AmitShah से इन दोनों के नार्को टेस्ट की मांग करता हुँ !”

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