8 December bharat band: किसानों के भारत बंद को लेकर भाजपा के विपक्षी दलों पर ताबड़तोड़ हमले

जयपुर। मंगलवार को विभिन्न किसान संगठनों (Farmers organization) के साथ ही देश के करीब 20 राजनीतिक दलों (Political parties) के द्वारा भारत बंद (Bharat band) के ऐलान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय इकाई के साथ ही सभी राज्यों में मौजूद राज्य इकाइयों ने विपक्षी दलों पर ताबड़तोड़ हमले किए।

8 दिसंबर को विभिन्न किसान संगठनों के द्वारा हाल ही में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra modi govt) के द्वारा जो तीन कृषि कानून (Three Agriculture law’s) बनाए गए थे, उनके खिलाफ भारत बंद का ऐलान किया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार और किसान संगठनों के साथ चार दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।

किसान संगठनों को समर्थन देते हुए देश के करीब 20 राजनीतिक दलों के द्वारा कहा गया है कि किसानों की मांगें जायज हैं और तीनों कृषि कानून जब तक वापस नहीं होंगे, तब तक किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं होगा। राजनीतिक दलों ने कहा है कि किसानों के भारत बंद में वह भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि जून के महीने में भारत सरकार के द्वारा संसद में तीन कृषि सुधार विधेयक लाए गए थे, जिनको तकरीबन सभी राजनीतिक दलों के द्वारा समर्थन दिया गया था। हालांकि, बाद में जब कुछ किसान संगठनों के द्वारा इसका विरोध किया गया तो राजनीतिक दल भी उनके विरोध में शामिल हो गए, जबकि दिल्ली जैसी सरकार ने 23 नवंबर को ही कृषि कानूनों को अपने क्षेत्र में लागू भी कर दिया है।

भारत बंद को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राजस्थान के द्वारा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि स्टैंडिंग कमेटी में तकरीबन सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल थे और उसमें सभी के हस्ताक्षर हैं। इतना ही नहीं कृषि मंत्री रहते हुए शरद पवार के द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर एपीएमसी में संशोधन करने के लिए भी कहा गया था।

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इसी तरह से गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के द्वारा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है उन्होंने कहा है कि जो कानून यूपीए की सरकार बनाना चाहती थी और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हम को शुरू कर चुकी थी उन्हें कानूनों को जगन नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा अमली जामा पहनाया गया है तो राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र सामने आ गया है।

इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कांग्रेस समेत जो भी राजनीतिक दल भारत बंद को समर्थन दे रहे हैं उन को आड़े हाथों लिया है। खट्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यही सब राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, और किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं, जबकि राजस्थान और पंजाब में एमएसपी पर खरीद हो ही नहीं रही है।

इसी तरह से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में मुख्यमंत्रियों और जहां पर भाजपा विपक्ष में है, वहां पर इकाई अध्यक्षों के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। सभी ने एक स्वर में कहा है कि राजनीतिक दलों का नंगा नाच केवल किसानों को गुमराह करने के लिए है और केंद्र सरकार किसानों के साथ बात कर रही है सभी मुद्दों पर बात हो रही है, संशोधन की गुंजाइश होगी तो संशोधन भी होंगे, लेकिन राजनीतिक दल केवल रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल, शरद पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी समेत 20 राजनीतिक दलों के द्वारा किसानों के भारत बंद को समर्थन देते हुए केंद्र से तीनों कृषि का नोट वापस लेने के लिए कहा गया है।

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