गहलोत के करीबी विधायक भी हुये पायलट के साथ, मानेसर में होटल के कमरे बुक

जयपुर।
जुलाई-अगस्त में राजस्थान की राजनीति में जो भूचाल आया था, उसके फिर से उठने की संभावना बलवती हो रही है। जानकारी में आया है कि हरियाणा के मानरेसर में फिर से एक होटल के कमरे 20 दिन के लिये बुक हुये हैं।

सूत्रों का दावा है कि सचिन पायलट और उनके सहयोगियों के लिये हरियाणा की सरकार ने कमरे बुक करवाये हैं, जहां पर हरियाणा सरकार की कई गाड़ियां देखी गई हैं। इस बार खेल अलग तरह का चल रहा है।

बताया जा रहा है कि इस बार गहलोत के साथ रहे कई विधायक पायलट के खेमे से जुड़ गये हैं। हालांकि, अभी वो मंत्री बनने के लिये ही दबाव के तौर ये सब कर रहे हैं। लेकिन इस माह के अंत तक संभावित मंत्रीमंड़ल विस्तार के समय भी उनको अवसर नहीं दिया गया तो वो पायलट के साथ चले जाएंगे।

दूसरी ओर गहलोत खेमा भी पूरी योजना पर नजर गढ़ाए हुये है। यह भी सरकारी सूत्रों ने दावा किया है कि पुलिस के आला अधिकारियों और इंटेलिजेंस के द्वारा पूरे मामले की छानबीन करने के लिये खूफिया विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इधर, पायलट खुद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनको पिछले माह ही कोरोना हुआ था, जिसके बाद फैंफड़ों में संक्रमण के चलते एम्स में भर्ती हुये थे। कहा जा रहा है कि यहीं से पायलट ने अपनी रणनीति को अंजाम दिया है। जबकि पायलट खेमे का दावा है कि किसी तरह की कोई गतिविधि नहीं हो रही है।

गहलोत की सरकार पर संकट के बादल मंडराने के ​साथ ही इंटेलिजेंस की तमाम टीमों को तैनात मोड में ला दिया है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारी भी इसी तहकीकात में जुटे हुये हैं कि सचिन पायलट का आखिर गैम प्लान क्या है?

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किसान आंदोलन के बीच गहलोत सरकार को घेरने के लिये भी इस रणनीति को माना जा रहा है। भाजपा की इस रणनीतिक बढ़त को नियंत्रित करने के लिये अशोक गहलोत का पूरा लवाजमा सचिन पायलट के पीछे जुट गया है।