Rajasthan: विधानसभा से कलश हटाते ही क्लेश शुरू, फिर से घटने लगे विधायक

Jaipur. राजस्थान की विधानसभा के भीतर लंबे समय से अपशगुन को देखते हुए 2013 से 2018 वाली भाजपा सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कैलाश चंद मेघवाल के द्वारा तांत्रिकों और पंडितों के द्वारा पूछकर एक कलश रखवाया गया था, उस कलश के चोरी (गुम) होने के कारण एक बार फिर से विधानसभा में अपशगुन शुरू हो गया है।

जानकारी में आया है कि विधानसभा अध्यक्ष के सामने सचिव की सीट के बाईं तरफ कई रंगों में रंगा हुआ कलश ऐसी जगह पर रखा गया था, जहां से किसी को नजर नहीं आए, लेकिन पिछले काफी दिनों से यह गायब है।

तत्कालीन विधानसभा में मुख्य सचेतक कालूराम गुर्जर का कहना है कि जब भी राजस्थान विधानसभा में 200 विधायक होते थे, तो किसी ने किसी विधायक का निधन हो जाता था। पंडितों और तांत्रिकों के पूछने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कलश रखवाया था

जानकारी में आया है कि इन दिनों सदन के भीतर रखवाया गया वह कलश गायब है, संभवत यही सबसे बड़ा कारण है कि सबसे पहले कांग्रेस पार्टी के सहाड़ से विधायक कैलाश त्रिवेदी का देहांत हो गया।

उसके बाद पिछले काफी समय से एम्स में एडमिट सामाजिक नागरिकता एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का निधन हुआ। अब 3 दिन पहले ही राजसमंद से भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी का भी कोरोना से निधन हो गया है।

इसके चलते राजस्थान विधानसभा में अब 200 में से 197 सदस्य रह गए हैं, जिसके कारण फिर से कहा जा रहा है कि उस कलश को हटाए जाने के चलते यह अपशगुन फिर से शुरू हो गया है।

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चाहे वास्तव में अपशगुन हो या नहीं हो, लेकिन 2001 से नई विधानसभा में कार्यवाही का संचालन शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक यहां पर 200 विधायक एक साथ बैठकर कार्रवाई में शामिल नहीं हो सके।

दिसंबर 2018 के चुनाव के बाद राजस्थान विधानसभा में 200 विधायक कार्यवाही में हिस्सा ले रहे थे, किंतु जब से कलश को हटाया गया है, तब से फिर से विधायकों के निधन का सिलसिला शुरू हो गया है।