मुख्यमंत्री गहलोत बताएं कि प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्जामाफी कब करेंगे: डॉ. सतीश पूनियां

-बेहतर होता कि मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री को ज्ञान देने की बजाय प्रदेश के किसानों की सुध लें| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी एवं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने साफ तौर पर कहा कि एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी।मुख्यमंत्री गहलोत यदि किसान हितैषी हैं तो यह बता दें कि राजस्थान के किसान आत्महत्या को मजबूर क्यों हैं: डॉ. सतीश पूनियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किसानों के बारे में लिखा गया पत्र रस्म अदायगी जैसा है, उनका किसानों के प्रति चिंतित होना आश्चर्यजनक है, वो क्यों भूल जाते हैं कि देश की जनता और किसानों ने कांग्रेस को किसानों के कल्याण के लिए पर्याप्त समय और सत्ता में अधिकार दिए थे, उसका क्या हुआ?

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होने से न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सब उनके हाथ में था, कृपया वो यह भी बताएं कि कांग्रेस के शासनकाल में किसान आंदोलनों को कुचलने के लिए में उनकी सरकारों ने क्या-क्या किया था?

आज प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के शासनकाल में किसानों की हुई बदहाली से निकालकर उनके कल्याण और तरक्की के रास्ते खोल रहे हैं।

नीम कोटेड यूरिया, सॉइल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों के लिए पेंशन, एफपीओ श्रंखला, 24 फसलों की एमएसपी डेढ़ गुणा करना सहित वर्तमान कृषि विधेयकों के जरिए भी केंद्र सरकार की नीयत किसानों के हित साधन की ही है।

प्रधानमंत्री मोदी एवं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने साफ तौर पर कहा कि एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी, कृषि मंडियों में व्यापार जारी रहेगा और कॉन्टैक्ट फार्मिंग में किसानों के मालिक मालिकाना हक एवं पैदावार की वाजिब कीमत बरकरार रहेगी।

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मुख्यमंत्री का यह पत्र सियासी राजनीति का उपक्रम है, वो यदि इतने ही किसान हितैषी हैं तो यह बता दें कि राजस्थान के किसान आत्महत्या को मजबूर क्यों हैं? और वो किसानों की संपूर्ण कर्जामाफी कब करेंगे, जिसके बारे में उन्होंने 10 दिन में कर्जामाफी का वादा किया था।

बेहतर होता कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को ज्ञान देने की बजाय प्रदेश के किसानों की सुध ले ले।

केंद्र सरकार किसानों से सकारात्मक एवं सार्थक बातचीत करने के लिए तैयार है, यह गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है।