आशादीप बिल्डर की ठगी के शिकार किंग्सकोर्ट निवासी लामबंद हुए

– RERA में ढेरों शिकायतें दर्ज, कुछ कंजूमर कोर्ट की शरण में
– बिल्डर को बचाने में जुटे कई रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, एक ब्यूरोक्रेट ने ले लिया ठेका

जयपुर। आशादीप बिल्डर की ठगी के शिकार किंग्सकोर्ट टाउनशिप के निवासी लामबंद हो गए हैं. हर दूसरे दिन RERA में शिकायत दर्ज कराई जा रही है. कुछ लोगों ने कंजूमर कोर्ट में वाद दायर कर दिया है. कुछ अपने वकील के जरिये नोटिस भिजवा रहे हैं. दूसरी ओर कई रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स इस बिल्डर को बचाने में जुटे हुए हैं. एक ब्यूरोक्रेट ने तो ‘डैमेज कंट्रोल ‘ का ठेका ले लिया है. जो लोगों को बिल्डर के पक्ष में करने का माहौल बना रहा है.

उल्लेखनीय है कि आशादीप बिल्डर द्वारा रेवरेन्स बिल्डर्स नाम से एक फर्म बनाई गई है. यह फर्म बीते तीन-चार साल से “किंग्स कोर्ट” टाउनशिप में डुप्लेक्स बेच रही है. बिल्डर ने जिस ब्रोशर को दिखाकर ये डुप्लेक्स बेचे, उस तरह की सुविधाएं दो साल बाद भी विकसित नहीं की गई हैं.

जो लोग बिल्डर का विरोध कर रहे हैं उन्हें दबाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं. माहौल ऐसा बनाया जा रहा है कि एक हजार करोड़ के आसामी बिल्डर से टकराना बेवकूफ़ी है. वो जो भी दे ले लो. लेकिन अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे लोगों ने संघर्ष जारी रखने का निर्णय किया है.

रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स का दावा RERA से न्याय नहीं मिलेगा
बताया जाता है कि आशादीप बिल्डर द्वारा विकसित ‘रेवांता’ में 2 -2 करोड़ के फ्लैट बनाए गए हैं. सूत्रों का दावा है कि RERA के चेयरमैन एन. सी. गोयल भी आशादीप बिल्डर द्वारा विकसित इसी ‘रेवांता’ के एक फ्लैट में रहते हैं. रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स यह प्रचारित कर रहे हैं कि जब RERA के चेयरमैन आशादीप के अपार्टमेंट में रहते हैं तो वे आशादीप बिल्डर के खिलाफ कैसे फैसला देंगे. इसलिए RERA में शिकायत करने का कोई मतलब नहीं है.

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