क्या भाजपा के एजेंट हैं AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी?

Jaipur. हैदराबाद के सांसद और AIMIM पार्टी के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा हाल ही में बिहार में 20 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ कर अपने पांच विधायकों को जिताने में कामयाबी हासिल की गई है, उसके बाद से ही राजनीति एक अलग ही उबाल पर है।

असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में 5 विधानसभा सीट जीतने के बाद 2021 के पश्चिम बंगाल (west bengal election 2021) और 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव (uttar pradesh election 2022) में भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने का ऐलान किया है।

असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा इसके साथ ही 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव (Rajasthan election 2023) के दौरान राजस्थान में भी करीब 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा राजस्थान में अपनी पार्टी के पदाधिकारियों की नियुक्ति का काम भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही राज्य के करीब एक दर्जन जिलों की 40 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है।

इस खबर के सामने आने के बाद राजस्थान की कांग्रेस इकाई में खासी हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर उनके खास कैबिनेट मंत्री खासे परेशान हैं। विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी के द्वारा कहा गया है कि असदुद्दीन ओवैसी भाजपा के एजेंट हैं।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री अलका सिंह गुर्जर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों अब तक मुसलमानों को बेवकूफ बनाते हैं। उनका कहना है कि भाजपा सबका साथ, सबके विकास की पार्टी है।

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