IAS टीना डाबी भी Love Jihaad की शिकार?

Jaipur. वर्ष 2018 की आईएएस टॅापर टीना डाबी (IAS TINA DABI) और आईएएस अतहर खान (IAS ATHAR KHAN) दोनों एक-दूसरे से अलग होने जा रहे हैं। इसके लिए दोनों ने जयपुर के एक फिमिली कोर्ट ने सहमति से तलाक की अर्जी लगाई है।

आपको बता दे कि दोनों वर्ष 2018 के आईएएस भर्ती परीक्षा के पहले और दूसरे नंबर के टॅापर रहे हैं। आईएएस बनने के बाद दोनों की लव कैमस्ट्री भी काफी चर्चा में रही थी। इसके चलते ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आईएएस के प्रोबेनशरी पीरियड़ के दौरान ही दोनों ने विवाह कर लिया था।

किन्तु यह लव मैरिज अधिक दिनों तक नहीं ठहरी और दोनों में विवाह के करीब 8 माह बाद ही विवाद हो गया। चर्चा यह है कि आखिर अब दोनों आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग क्यों होने जा रहे हैं? अभी दोनों अधिकारी जयपुर में ही तैनात है। दोनों ने आपसी सहमति से 17 नवंबर को फैमिली कोर्ट संख्या 1 में तलाक की अर्जी लगाई है। 

जानकारी में आया है कि करीब 8 माह के नाकाम वैवाहिक जीवन के अब दोनों अपने-अपने हिसाब से जीवन जीने का फैसला कर लिया है। इसलिए आपसी सहमति से दोनों ने तलाक की (विवाह विच्छेद) अर्जी लगाई है। 

आईएएस टीना डाबी और उनके पति आईएएस अतहर खान से “नेशनल दुनिआ” (Nationaldunia) ने संपर्क करने का प्रयास किया, किन्तु दोनों से ही इस मसले पर बात नहीं हो पाई। टीना डाबी के करीब एक दोस्त ने बताया कि अतहर से शादी करने से पहले टीना की शर्त थी कि वह शादी के वक्त या शादी के बाद भी अपना धर्म परिवर्तन नहीं करेंगी।

यह भी पढ़ें :  कृषि मंत्री का इस्तीफा नामंजूर, अड़े कटारिया

शादी के वक्त अतहर खान ने भी इसपर सहमति जताई, लेकिन शादी के करीब एक साल बाद ही अतहर खान ने आईएएस टीना डाबी से धर्म परिवर्तन करने को कहा और दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसपर टीना बिफर गईं और दोनों के बीच इस बात को लेकर झगड़ा हो गया। विवाद के बाद पिछले कोई 16 माह से दोनों अलग ही रह रहे हैं।

एक और बात का यहां पर जिक्र करना लाजमी है। जब टीना डाबी ने अतहर खान से शादी की, तब वह फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर काफी सेक्युलर पोस्ट लिखती थीं। किन्तु जब से दोनों अलग हुए हैं, तब से आईएएस टीना डाबी सोशल मीडिया पर सनातन धर्म से सम्बंधित पोस्ट लिख रही हैं। इसको लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा होती है।

Screenshot 20201120 222724 Instagram
28 अप्रैल 2020 की इंस्टाग्राम पोस्ट।

इधर, लव जिहाद को लेकर इन दिनों राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। देश में लव जिहाद के लगातार मामले सामने आने के बाद मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक की सरकारें इसके खिलाफ एक कठोर कानून बनाने जा रही हैं।

यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार लव जिहाद को लेकर कठोर कानून बनाने जा जा रही है। योगी आदित्यनाथ लव जिहाद को लेकर खुली खिलाफत करने वाले मुख्यमंत्री हैं। भाजपा की सरकारों के द्वारा कानून बनाने का एलान करने के बाद लव जिहाद को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है।

लव जिहाद को लेकर शुक्रवार को ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा ट्वीट करके कहा गया है कि, “यह शब्द भाजपा के द्वारा गढ़ा गया है। वैवाहिक जीवन व्यक्तिगत मामला होता है और कोई व्यक्ति किससे प्यार करता है, इसका लव जिहाद से कोई संबंध नहीं है।”

यह भी पढ़ें :  ABVP-NSUI के सामने इस बगावत से पार पाना अभी की सबसे बड़ी चुनौती

इसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिये गये ‘‘लव जिहाद’’ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत का ‘‘लव जिहाद’’ पर बयान उनकी वोट बैंक की ओछी मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की देशभर में हो रही दुर्दशा से वह इतना विचलित हो जाएंगे यह विश्वास नहीं होता, हम सब जानते हैं कि सनातन भारत की परम्परा में विवाह एक धार्मिक और सामाजिक मान्यता प्राप्त संस्कार है यह केवल व्यक्ति की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत का यह बयान शर्मनाक है, भारत विश्व का पुरातन सनातन देश है, जहाँ विवाह एक नैसर्गिक संस्कार है, ‘‘लव जिहाद’’ इस्लामिक आतंकवाद का घोषित एजेण्डा है, विश्वास नहीं होता वोट बैंक की राजनीति के लिए आप इतना गिर जाओगे, कांग्रेस की दुर्दशा से विचलित होकर मानसिक सन्तुलन यूँ गड़बड़ होना स्वाभाविक ही है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है, इस्लामिक आतंकवाद के एजेण्डे ‘‘लव जिहाद’’ का शिकार होकर हमारी अबोध बच्चियाँ देश में उत्पीड़न का शिकार होती हैं, यह जगजाहिर है। ऐसी परिस्थिति में गहलोत का यह बयान निश्चित तौर पर ओछी मानसिकता का परिचायक है।