Love Jihaad अशोक गहलोत की ओछी मानसिकता का परिचायक है: Dr Poonia

Jaipur. हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के द्वारा लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने को लेकर देश की राजनीति में उबाल आ गया है।

लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने को लेकर भाजपा के द्वारा जिस तरह से अग्रेसिव होकर बयानबाजी की जा रही है, उससे विचलित होकर कांग्रेस पार्टी के द्वारा कहा गया है कि यह भारतीय जनता पार्टी के द्वारा स्थापित किया गया, एक शब्द है जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

इसी को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री के द्वारा आज ट्वीट करके कहा गया कि लव जिहाद कहीं पर भी नहीं है, वह एक व्यक्तिगत मामला होता है। लव जिहाद शब्द भाजपा के द्वारा गढ़ा गया दो धर्मों को बांटने के लिए किया गया कु-कृत्य है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा की राजस्थान इकाई अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा है कि “अशोक गहलोत का लव जिहाद पर आज का बयान उनकी वोट बैंक की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस की देशभर में हो रही दुर्दशा से वह इतना विचलित हो जाएंगे, यह विश्वास नहीं होता।

हम सब जानते हैं कि सनातन भारत की परंपरा में विवाह एक धार्मिक और सामाजिक मान्यता प्राप्त संस्कार है यह केवल व्यक्ति की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है।

मुझे लगता है कि जिस तरह से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है, यह बेबुनियाद है, जिस तरीके से इस्लामिक आतंकवाद के एजेंडे लव जिहाद का शिकार होकर हमारी अबोध बच्चियां उत्पीड़न का शिकार होती है।

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यह जगजाहिर है। ऐसी परिस्थिति में उनका यह बयान निश्चित तौर पर ओछी मानसिकता का परिचायक है।”

गौरतलब है कि 2009 के दौरान पहली बार लव जिहाद शब्द का प्रयोग किया गया था, जब लगातार हिंदू धर्म से संबंधित लड़कियों को फंसाकर मुस्लिम धर्म के लड़कों के द्वारा धर्म परिवर्तन किया जाता था और बाद में उनका शारीरिक शोषण करके छोड़ दिया जाता था।

साल 2009 से लेकर अब तक हजारों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें मुस्लिम युवकों के द्वारा जानबूझ पर हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाया जाता है। बाद में उनका देश और शंकर के अनेक तरह की शारीरिक प्रताड़ना देकर छोड़ दिया जाता है।

हरियाणा के मेवात क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के कई प्रकरण राज्य सरकारों के लिए और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गए हैं, इसी तरह से कर्नाटक में भी बड़े पैमाने पर लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। जिसके बाद इन सरकारों ने लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का फैसला किया है।