हिंदुओं को अशोक गहलोत दो दिन से सफाई दे रहे हैं, सोशल मीडिया पर फिर भी ट्रोल हो रहे हैं

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार दो दिन से सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदुओं को सफाई दे रहे हैं, किंतु इसके बावजूद उनकी बात पर किसी को भरोसा नहीं है और हर पोस्ट को ट्रोल किया जा रहा है।

दरअसल, राजस्थान की सरकार के द्वारा कोरोना की वैश्विक महामारी को देखते हुए विगत 23 दिसंबर तक आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है। इसका उल्लंघन करने पर पटाखे बेचने वाले पर ₹10000 का जुर्माना और पटाखे चलाने वाले पर ₹2000 के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

अशोक गहलोत के द्वारा एक दिन पहले ही भी फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से अपनी सरकार के द्वारा आतिशबाजी पर रोक लगाए जाने को लेकर लिखा था कि यह प्रक्रिया किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि कोरोना के मरीजों को तकलीफ नहीं हो और प्रदेश वासी दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया उस को ध्यान में रखकर किया गया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार दो दिन से इसी बात को लेकर ट्रोल हो रहे हैं। फेसबुक और ट्विटर पर 90% से ज्यादा जो कमेंट मिल रहे हैं, वह नेगेटिव हैं और सोशल मीडिया अपना गुस्सा अशोक गहलोत पर लगातार निकाल रहा है।

बुधवार को यह लिखा था गहलोत ने

हमारे कुछ साथियों ने पटाखों और आतिशबाजी पर रोक के निर्णय की आलोचना की परन्तु इसका धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है। विशेषज्ञों की राय भी यही है कि कोरोना महामारी के समय में पटाखों से निकलने वाला विषैला धुंआ बेहद खतरनाक है। अधिकांश लोगों ने हमारे निर्णय की प्रशंसा की है और हमारे बाद अन्य राज्यों ने भी पटाखों पर रोक लगाई है।

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लोगों के जीवन की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। हम चाहते हैं सभी स्वस्थ रहें एवं हर्षोल्लास के साथ दीपावली का त्यौहार मनाएं इसके लिए जरूरी है कि पटाखे न चलाएं। आइये आतिशबाजी से बचने का संकल्प लें ताकि देशभर में एक सन्देश जाए। अगली दीपावली हम सब मिलकर आतिशबाजी के साथ मनाएंगे।

गुरुवार को इस तरह फिर दी सफाई

पटाखों और आतिशबाजी पर रोक धर्म अथवा पर्व को देखते हुए नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सेहत को देखते हुए लगाई है। मेरी आप सभी से अपील है कृपया अपनी और दूसरों की सेहत का ख्याल रखते हुए पटाखे न चलाएं, दीये जलाकर हर्षोल्लास से दीपावली का त्यौहार मनाएं।

कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और इसमें आप सभी का सहयोग बेहद आवश्यक है। कोरोना से लड़ाई जीतने के बाद अगले वर्ष आप और हम सभी साथ मिलकर आतिशबाजी के साथ दीपोत्सव मनाएंगे।