राजस्थान के 6 नगर निगमों को आज मिलेंगे नए मेयर, 2 भजपा, 2 कांग्रेस बना रही है 2 की स्थिति साफ नहीं

– सभी छह जगह पर महापौर को लेकर आज होगा मतदान

जयपुर। राज्य की राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा में इस बार छह नगर निगम बनाए गए हैं। सभी छह नगर निगम के पार्षदों के लिए मतदान हो चुका है, परिणाम आ चुका है और आज सभी 6 नगर निगमों के नए महापौर चुन लिए जाएंगे।

राजधानी जयपुर के जयपुर हेरिटेज में जहां कांग्रेस पार्टी का महापौर बनने की पूरी संभावना है, तो दूसरी तरफ ग्रेटर की 150 सीटों में से 88 पार्षद भाजपा के पास होने के कारण यहां पर भाजपा आसानी से अपना महापौर बना लेगी।

इसी तरह से कोटा के दो नगर निगम में से एक नगर निगम पर कांग्रेस पार्टी आसानी से अपना महापौर बना रही है, तो दूसरे नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के 36-36 पार्षद होने के कारण यहां पर मुकाबला रोचक हो गया है।

इसी तरह से जोधपुर के नगर निगम दक्षिण में जहां कांग्रेस पार्टी का बोर्ड बना है तो जोधपुर उत्तर में भारतीय जनता पार्टी का महापौर चुना जाएगा। हालांकि, भाजपा ने सभी जगह पर कांग्रेस सरकार द्वारा प्रशासन का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं।

इस संभावना को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के द्वारा एक दिन पहले ही राज्यपाल और मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन देकर निष्पक्ष मतदान व पार्षदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की सरकार द्वारा पुलिस व प्रशासन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले ही एक वरिया वायरल हुआ था, जिसमें एक-एक पार्षद को दो से तीन करोड़ रुपए में खरीदने की बातें सामने आई थी। उसके बाद कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के द्वारा संबंधित ऑडियो के कथित आरोपी अजय यादव के खिलाफ एसीबी जांच शुरू कर दी गई है।

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दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के द्वारा निर्दलीय पार्षद कुसुम यादव को जयपुर हेरिटेज के लिए महापौर प्रत्याशी घोषित किया है और जिस ऑडियो का दावा किया जा रहा है, उसमें कुसुम यादव के पति अजय यादव की आवाज होने और कांग्रेस के पार्षदों को खरीदने का दावा किया गया है।

जिस तरह से पार्षद जीत कर आए हैं उसके आधार पर देखा जाए तो जयपुर का एक और जोधपुर का एक महापौर भारतीय जनता पार्टी का और दोनों ही जगह एक-एक महापौर कांग्रेस पार्टी के बनेंगे। इसी तरह से कोटा का एक महापौर स्पष्ट तौर पर कांग्रेस बना रही है तो दूसरे निगम में कांटे की टक्कर होने के कारण स्थिति शाम तक स्पष्ट हो पाएगी।

जबकि जयपुर ग्रेटर में कांग्रेस पार्टी के 47 पार्षद हैं और भारतीय जनता पार्टी के 42 पार्षद हैं, किंतु यहां पर 11 निर्दलीय पार्षदों पर सारा दारोमदार टिका है जिनके कांग्रेस के साथ होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन निर्दलीयों का समर्थन जहां पर जाएगा उन्हें का महापौर बनेगा।

आपको बता दें कि पहली बार कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार ने तीनों जिलों में 3 की जगह 6 नगर निगम बनाए हैं। लॉटरी में 6 में से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। ऐसे में छह में से पांच जगह महिलाएं महापौर बनेंगी।