इस महिला के लिए क्यों लड़ रहे हैं भाजपा के नेता?

जयपुर। राजधानी जयपुर, कोटा और जोधपुर के नगर निगम चुनाव निपटने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच अंतर्कलह करें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों पार्टियों में नेता आपस में ही उलझे हुए हैं, जबकि भाजपा के दो नेता एक महिला को लेकर आमने-सामने हो गए हैं।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और विद्याधर नगर से वरिष्ठ विधायक नरपत सिंह राजवी के बीच हाल ही में जयपुर ग्रेटर से भाजपा की तरफ से महापौर प्रत्याशी घोषित की गई सौम्या गुर्जर को लेकर जुबानी जंग चल रही है।

करौली के पूर्व वर्तमान सभापति राजाराम गुर्जर की पत्नी और राजस्थान महिला आयोग की सदस्य रही सौम्या गुर्जर को हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव के बाद भाजपा ने महापौर प्रत्याशी बनाया है, जिसके बाद से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में जंग शुरू हो गई है।

सबसे पहले विद्याधर नगर विधायक और पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी ने सौम्या गुर्जर को जयपुर के लिए बाहरी करार देते हुए कहा कि पार्टी ने करौली के व्यक्ति को जयपुर में महापौर बनाने का फैसला किया है, जबकि उनके ऊपर कई संगीन आरोप हैं।

विधायक राज्य के इस आरोप के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि अगर सौम्या गुर्जर जयपुर से बाहर ही हैं, तो फिर नरपत सिंह राजवी खुद भी जयपुर के बाहर ही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने सर्वसम्मति से सौम्या गुर्जर को महापौर का प्रत्याशी बनाया है और किसी व्यक्ति को इस बारे में बोलने की कोई जरूरत नहीं है।

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इसके बाद दोनों नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई नरपत सिंह राजवी ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर उनको जयपुर का बाहरी कहता है, तो उस व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि पार्टी में उनका क्या योगदान है।

लगता है इसके बाद दोनों नेताओं में लड़ाई तेज हो गई तो मामला संगठन के पास पहुंच गया संगठन मुखिया के द्वारा नरपत सिंह राजवी को समझाया गया। इसके बाद रविवार देर रात नरपत सिंह राजवी की तरफ से प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें पूरी बातें पत्रकारों के द्वारा मनगढ़ंत करार देते हुए पार्टी के एकजुट होने का दावा किया।

उल्लेखनीय है कि करौली के नगर सभापति रहते हुए सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर के ऊपर सरकारी जमीनों के बेचान, मंदिर माफी की जमीनों को बेचने समेत कई लोगों की जमीनों को जाली कागजात बनाकर हड़पने के संगीन आरोप लगे हुए हैं।

सौम्या गुर्जर के पति को जमीन कारोबारी कहा जाता है। इसके चलते कहा जा रहा है कि सौम्या गुर्जर और उनके पति राजाराम गुर्जर दोनों मिलकर जयपुर महापौर रहते हुए बड़े घोटाले कर सकते हैं, जिससे भाजपा की छवि खराब हो सकती है।

बहरहाल, भारतीय जनता पार्टी जहां जयपुर ग्रेटर में अपना महापौर पक्का मान रही है, वहीं दूसरी तरफ से जयपुर हेरिटेज में भी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच निर्दलीय पार्षदों को अपने खेमे में लेने के लिए दिन रात प्रयास किए जा रहे हैं।

इधर, कांग्रेस पार्टी में भी मुस्लिम पार्षदों को लेकर महापौर बनाने के प्रयास जारी हैं, जबकि कांग्रेस के द्वारा जयपुर हेरिटेज से मुनेश गुर्जर को महापौर प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है, इसी के चलते कांग्रेस में मुस्लिम पार्षद अच्छे खासे नाराज नजर आ रहे हैं।

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