वसुंधरा के प्रेस सलाहकार महेंद्र ने माना, राजे की “बाहर” जाने की राह कांटों भरी

प्रेसनोट की हैडिंग: वसुन्धरा राजे को बैंड वादकों ने सुनाया ‘रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, काँटों पे चलके मिलेंगे साये बाहर के’
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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रेस सलाहकार महेंद्र भारद्वाज ने भी मान लिया है कि राजे की बाहर जाने की राह कांटों भरी है। राजस्थान भाजपा के कार्यकर्ता और राजनीति के जानकार तो पहले से ही इस तरह की कयास बाजी लगा रहे थे।

महेंद्र भारद्वाज द्वारा पत्रकारों को प्रेसनोट जारी होने के बाद से ही मीडियाकर्मियों में इस बात की चर्चा चलती रही कि वसुंधरा राजे की कांटों भरी राह बंगला नम्बर 13 से बाहर निकलने की है या राजस्थान से बाहर निकलने की है।

जो भी हो, किन्तु प्रेस सलाहकार के द्वारा जारी किए गए प्रेसनोट में तीन गानों का जिक्र किया है, जिनकी पत्रकारों ने अपने-अपने हिसाब से अर्थ निकाला तो दूसरी ओर ख़बर प्रकाशित होने के बाद दूसरे दिन भाजपा मुख्यालय में भी कार्यकर्ताओं में इनको लेकर अलग-अलग अर्थ निकाले गए।

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वसुंधरा राजे के प्रेस सलाहकार महेंद्र भारद्वाज द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट का स्क्रीनशॉट

गौरतलब है कि इन दिनों जयपुर के दोनों नगर निगम चुनाव को लेकर भापजा-कांग्रेस में जबरदस्त खींचतान चल रही है और ऐसे समय मे वसुंधरा राजे को भाजपा के साथ सक्रिय रूप से एक मर्तबा भी नहीं देखा गया है, जो कार्यकर्ताओं में चर्चा का सब्जेक्ट है।

इस दौरान शुक्रवार को दोपहर बाद 4:19 बजे वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज के द्वारा पत्रकारों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में यह प्रेसनोट भेजना, और उसके करीब 6 घंटे बाद रात को 9:52 बजे संशोधित प्रेसनोट भेजना “सुबह की चढ़ी हुई रात को उतरना या ‘8PM’ के बाद चढ़ाने” के रूप में भी देखा व चर्चित किया जा रहा है।

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महेंद्र भारद्वाज के द्वारा भेजे गए साथ में जिन तीन जनों का जिक्र किया गया पहला गाना “रुक जाना नहीं तू कहीं हार के कांटों पर चलकर मिलेंगे साईं बाहर के” यहां बहार की जगह बाहर लिखा गया है, जिसको दो तरह से समझा जा रहा है तो भारद्वाज की गलती या जानबूझकर ऐसा किया जाना भी समझा जा रहा है।

इसी तरह से दूसरा गाना ” आओ साथ चलें…”, क्योंकि बैंड बालकों के द्वारा यह पूरी प्रस्तुति वसुंधरा राजे के बंगला नंबर 13 के बाहर दी गई है। ऐसे में पत्रकारों के द्वारा इसको बैंड वालों के द्वारा बंगला नंबर 13 से बाहर निकालने के लिए निवेदन के तौर पर भी परिभाषित किया जा रहा है।

तीसरा गाना “किसका है तुमको इंतज़ार मैं हूँ ना….”, क्योंकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल समय राजनीति के कई नेता वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत के गठजोड़ की बात करते रहते हैं। ऐसे में चर्चा है कि यह गाना वसुंधरा राजे की तरफ से अशोक गहलोत के लिए गुनगुनाया गया है, जिनको ऊपर पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के द्वारा सरकार गिराए जाने का हमेशा डर सताता रहता है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार के लिए संकटमोचक माना जाता रहा है। भाजपा के अलायंस पार्टी वाले हनुमान बेनीवाल के द्वारा दोनों नेताओं के गठजोड़ के आरोप खूब राजनीतिक चर्चा का विषय बने रहते हैं, जिनके ऊपर भाजपा को सफाई देने में भी काफी दिक्कत होती है।

वसुंधरा राजे लगातार जयपुर में होने के बावजूद भाजपा मुख्यालय नहीं जाना, जबकि पार्टी के द्वारा नगर निगम और अब पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों को टिकट देने के लिए मुख्यालय में माथापच्ची की जा रही है, लेकिन वसुंधरा राजे का भाजपा के साथ इस घटनाक्रम में शामिल नहीं होना भी काफी चर्चित हो रहा है।

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भले ही बैंड वालों को द्वारा एक सामान्य प्रक्रिया के तहत और वसुंधरा राजे को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए ये 3 गाने गुनगुनाए हो, किंतु भाजपा के कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के द्वारा इनके अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं। खासतौर से जब महेंद्र भारद्वाज के द्वारा भेजी गई विज्ञप्ति में दो-तीन जगह पर “बहार” की जगह “बाहर” का जिक्र है।

महेंद्र भारद्वाज ने दोपहर 4:19 बजे यह प्रेसनोट भेजा था

“ऑल ब्रास बैंड सोसाईटी व राजस्थान ब्रास बैंड ऐसोशियशन के बैंड कलाकारों ने पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे का फ़िल्म इम्तिहान का गाना ‘रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, काँटों पे चलके मिलेंगे साये बाहर के’ सुना कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

इन कलाकारों ने वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में 2013 में निकली ‘सुराज संकल्प यात्रा, का प्रमुख गीत ‘आओ साथ चले’ और फ़िल्म ‘मैं हूँ ना’ का गीत ‘किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूँ ना,देख लो इधर तो एक बार मैं हूँ ना’ भी सुनाया।

यहाँ उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में राजे ने सीएम को पत्र लिख कर माँग की थी कि बैंड वादक, घोड़ी वाले, हलवाई और डेकोरेशन वालो को कोविड-19 के लिए सरकार द्वारा जारी गाइड लाईन के कारण पिछले 9 महीने से बेरोज़गारी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ऐसे आयोजन इन लोगों के बिना सम्भव नहीं है।

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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को यह पत्र लिखा गया था

उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि ये लोग रोज़गार छिनने के कारण आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहें है। इसलिए इन्हें शादी ब्याह और धार्मिक आयोजनो में भाग लेने की तय संख्या के अतिरिक्त अनुमति दी जाए। उनकी संख्या शादी में भाग लेने वाले वर-वधु पक्ष के 100 लोगों से अलग रखी जाए।

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राजे ने सीएम से माँग की है कि इस सम्बंध में सरकार शीघ्र आदेश जारी करे ताकि ये ग़रीब तबका अपना और अपने परिवार का पेट भर सके और इनकी कला ज़िंदा रह सके।

पूर्व सीएम की पहल से ख़ुश होकर ऑल ब्रास बैंड सोसाईटी व राजस्थान ब्रास बैंड ऐसोशियशन से जुड़े बैंड वादक शुक्रवार को राजे के सरकारी निवास पर आये और उन्होंने इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया।”