मुस्लिम पार्षद उतरे कांग्रेस के खिलाफ, हैरीटेज का महापौर मुस्लिम को बनाने की मांग पर अड़े

जयपुर। राज्य की अशोक गहलोत सरकार के द्वारा जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगम बनाए जाने के बावजूद किसी भी निगम का मुस्लिम पार्षद को महापौर नहीं बनाए जाने को लेकर मुस्लिम समाज राज्य की अशोक गहलोत सरकार से नाराज है।

इसको लेकर मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम के द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दे दिया गया है। इससे पहले मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी वर्ग से जुड़े हुए लोगों के द्वारा मुस्लिम मुसाफिर खाने में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकार पर वादाखिलाफी करने और जयपुर हेरिटेज में कांग्रेस के 47 में से 30 पार्षद मुस्लिम समाज के आने के बाद भी महापौर नहीं बनाए जाने को लेकर गुस्सा जाहिर किया गया।

धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के 6 बोर्ड में से किसी भी बोर्ड में कांग्रेस की ओर से मुस्लिम वर्ग को महापौर का प्रत्याशी घोषित नहीं करने का विरोध किया गया। मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम राजस्थान की ओर से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है।

इससे पहले सुनने में आया था कि आदर्श नगर के कांग्रेस विधायक रफीक खान और किशनपोल के विधायक अमीन कागजी के द्वारा मुस्लिम समुदाय से आने वाले किसी भी पार्षद को जयपुर हेरिटेज का महापौर नहीं बनाए जाने के लिए कांग्रेस पार्टी के ऊपर दबाव बनाया गया था।

बाद में दोनों ही विधायकों द्वारा इस बात का खंडन करते हुए कहा गया था कि उनके द्वारा सरकार को और कांग्रेस पार्टी को मुस्लिम समुदाय से आने वाले पार्षद को महापौर बनाए जाने की पुरजोर वकालत की गई थी, किंतु डिजर्व कैंडिडेट नहीं मिलने के कारण मुनेश गुर्जर को मिलवा बनाया गया है।

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