परिणाम के दो दिन पहले बाड़ेबंदी, भाजपा बरत रही है सावधानी

जयपुर। राजधानी जयपुर जोधपुर और कोटा के नगर निगम के दूसरे चरण का मतदान रविवार को पूरा हो गया। मतदान का प्रतिशत पहले चरण की बराबर ही लगभग 58% रहा मतदान होने के साथ ही पार्टियों ने बड़े बंदी की रणनीति को भी अंजाम देना शुरू कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर हेरिटेज के प्रत्याशियों को रविवार शाम को अजमेर रोड के भांकरोटा स्थित एक होटल में ठहराया है। दूसरी तरफ जयपुर ग्रेटर के प्रत्याशियों को भी सोमवार को सीकर रोड पर स्थित एक निजी होटल में ठहराया जाएगा।

मंगलवार को परिणाम जारी होने के साथ ही जीते हुए उम्मीदवारों को होटलों में रखा जाएगा, जो उम्मीदवार हार जाएंगे, उनको घर भेज दिया जाएगा। इससे पहले विष्णु लाटा जयपुर नगर निगम के महापौर बने थे तब भी बाड़ेबंदी हुई थी और विष्णु लाटा समेत भाजपा की कई पार्षद बड़े बंदी छोड़ कर भाग निकले थे।

इसके चलते विष्णु लाटा के पैर में फैक्चर भी आया था और भाजपा का बोर्ड गिर गया था। कांग्रेस के दम पर विष्णु लौटा महापौर बनने में कामयाब हो गए थे।

एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी लगातार अपने पार्षद प्रत्याशियों को नियंत्रण में रखने के तमाम प्रयास कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस में कोई सामंजस्य नहीं होने के कारण पार्षद प्रत्याशी अपने-अपने हिसाब से चल रहे हैं।

माना जा रहा है कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी संगठन के द्वारा टिकट बांटे गए हैं, ठीक उसी तरह से पार्षद प्रत्याशियों को बांधकर रखा जाएगा।

उसके उलट कांग्रेस में जहां विधायकों के द्वारा अपने समर्थकों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा गया है, ठीक इसी तरह से विधायकों द्वारा अपने समर्थित पार्षद प्रत्याशियों को अपने-अपने हिसाब से कंट्रोल में रखने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

यह भी पढ़ें :  जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम चुनाव 29 अक्टूबर और 1 नवम्बर को, 3 को आएगा रिजल्ट

भारतीय जनता पार्टी इस बार पिछली मर्तबा की तरह विमल नहीं होना चाहती है और दोनों जगह पर बोर्ड बनाकर अपने महापौर बनाना चाहती है, इसी के चलते यह सारे कदम उठाए जा रहे हैं।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा का कहना है कि इस बारे में संगठन के द्वारा जो भी संगठन हित में उचित होगा, वही निर्णय लिया जाएगा, चाहे पार्षद प्रत्याशियों को कहीं पर ठहराने का मामला हो या फिर उनको एकजुट रखकर विपक्षी पार्टी को अपनी ताकत दिखाने का मामला हो।