विधानसभा सत्र में हिस्सा नहीं ले पा रहे भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां, सरकार को हुई सहूलियत

जयपुर। अब से कुछ ही देर बाद राजस्थान विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है, किंतु भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया विशेष सत्र के पहले दिन विधानसभा सत्र की कार्यवाही में स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष के शामिल नहीं होने से एक तरफ जहां नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ पर सरकार से मोर्चा लेने की जिम्मेदारी बढ़ गई है, तो दूसरी तरफ सतीश पूनिया के सदन की कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेने के कारण सरकार को भी काफी सहूलियत हो गई है।

अब से कुछ ही देर पहले डॉ सतीश पूनिया के यहां से बताया गया है कि स्वास्थ्य कारणों के कारण वह विधानसभा सत्र की कार्यवाही में आज हिस्सा नहीं लेंगे। इसके साथ ही जानकारी में आए है कि 10:00 बजे शुरू हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शिरकत की है

भाजपा अध्यक्ष के स्वास्थ्य कारणों की जानकारी मिलने के साथ ही प्रदेशभर में भाजपा के कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है और कार्यकर्ता अध्यक्ष के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना व प्रार्थना कर रहे हैं।

विधानसभा की बात की जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शामिल होने से ऐसा समझा जा रहा है कि भाजपा को सदन में भाजपा अध्यक्ष की कमी नहीं खलनी चाहिए, किंतु हमेशा की भांति अगर वसुंधरा राजे आज भी सदन में नहीं बोलती हैं तो इससे अशोक गहलोत की सरकार को राहत मिलने वाली है।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही भाजपा अध्यक्ष को कोरोनावायरस ने अपनी चपेट में ले लिया था। करीब 20 दिन के बाद कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद उन्होंने सीधे सरकार के खिलाफ मोर्चा लेते हुए सड़क पर उतरने का फैसला किया था और भाजपा के प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

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हालांकि, अभी भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया को कोरोनावायरस नहीं है, किंतु वायरल की चपेट में आने के कारण उनको बुखार है और इसके चलते वह विधानसभा के इस विशेष सत्र के पहले दिन कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा किसानों हितों में तीन कृषि कानून बनाए गए थे, जिनके खिलाफ राज्य की अशोक गहलोत सरकार आज कुछ नए कृषि कानून बनाकर राजनीति खेलने की फिराक में है।