RLP पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य चुनाव अकेले लड़ेगी, फिर हुंकार भरेंगे हनुमान

जयपुर। नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रदेश में आने वाले दिनों में होने वाले पंचायती राज व जिला परिषद चुनाव के लिए काफी गंभीर और चौकस दिख रही है।

आज से ही लोकतांत्रिक पार्टी इन चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करने के लिए गंभीरता से आवश्यक रणनीति तैयार करने में जुट गई है। इसी क्रम में आज राजधानी जयपुर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संगठन से जुड़े अहम नेताओं की बैठक आयोजित की जा रही है।

बैठक में सीकर झुंझुनू चूरू जिले की पंचायती राज चुनाव संबंधी विस्तार से मंथन किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश संगठन से जुड़े बड़े नेताओं और चूरू जिले के समेत झुंझुनूं और सीकर, तीनों जिलों की बैठक आयोजित की जाएगी। जानकारी के मुताबिक पंचायती राज चुनाव राजनीतिक पार्टियों के आधार पर जाने की जानकारी मिली है।

प्रदेश के इस अति महत्वपूर्ण चुनाव में पार्टी अपने उम्मीदवार खड़े करने के लिए पूरी तरह से तैयार दिख रही है। इससे पहले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने मिलकर चुनाव सीटों पर उम्मीदवार खड़े हुए थे और एक सीट पर चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे।

मगर गत दिनों केंद्र सरकार की ओर से लाए गए किसान बिलों को लेकर हनुमान बेनीवाल और केंद्र सरकार के बीच आपस में दूरियां बढ़ती दिख रही हैं।

बेनीवाल केंद्र सरकार की ओर से लाए गए किसान बिलों के कुछ अहम बिंदुओं पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर इन किसानों के बारे में आपत्ति जताने की बात भी कही है, किंतु जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कह दिया है कि किसान बिलों को लेकर केंद्र सरकार बैकफुट पर नहीं आएगी।

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उसके बाद सांसद हनुमान बेनीवाल को भी यह दिख रहा है कि उनकी पीएम मोदी से होने वाली मुलाकात का कोई मतलब नहीं निकलेगा, इसलिए ऐसा दिख रहा है कि अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी भाजपा से अपनी दोस्ती तोड़ सकती है, क्योंकि हनुमान बेनीवाल साहब कह चुके हैं कि वे किसानों के हितों के लिए कुछ भी कदम उठाने को तैयार हैं, इसके लिए चाहे उन्हें भाजपा से अलग होना पड़े।

गौरतलब है कि गौरतलब है कि पंचायत समिति और जिला परिषद के इन चुनाव में अब तक भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने होती थी, लेकिन पहली बार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

2023 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सबसे बड़ा चुनाव है और ग्रामीण क्षेत्रों में इन चुनाव के जरिए किसी भी पार्टी के वास्तविक हालात का पता लगाया जा सकता है, क्योंकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को ग्रामीण पार्टी कही जाती है। ऐसे में खासतौर से पश्चिमी राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की पार्टी को बड़े पैमाने पर समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के इस चुनाव में अगर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को जनता का समर्थन हासिल होता है तो 2023 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करने में बारगेनिंग करने के लिए स्वतंत्र होगी।