भाजपा ने बागियों के खिलाफ लिया एक्शन, कांग्रेस क्यों पीछे हटी?

जयपुर। जयपुर, जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगमों के लिए चुनाव की तैयारियां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के द्वारा की जा रही है।

इस चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत करके भाजपा के ही जिन कार्यकर्ताओं के द्वारा मैदान में ताल ठोकी गई है, उनमें से जयपुर में 29 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक्शन लेते हुए 6 साल के लिए उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर के अलावा जोधपुर और कोटा में भी इसी तरह का है एक्शन लिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में बड़े पैमाने पर बगावत करने के बावजूद बागियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया जाना कांग्रेस संगठन पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

जानकारी में आया है कि कांग्रेस की तरफ से बगावत करने वाले किसी भी पार्षद प्रत्याशी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, यानी कांग्रेस के सदस्य ही कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे लेकिन संगठन इतना कमजोर हो गया है कि वह इस तरह की गतिविधि करने वाले लोगों के खिलाफ एक्शन भी नहीं ले सकता।

आपको बता दें कि पहली बार कांग्रेस संगठन के द्वारा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की गई, बल्कि जयपुर, जोधपुर और कोटा में कांग्रेस के जो भी स्थानीय विधायक हैं या फिर विधायक प्रत्याशी रह चुके हैं, उनके द्वारा ही सिंबल बांटे गए हैं।

पार्टी के द्वारा सचिन पायलट को अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने के बाद उनकी जो बनाई हुई कमेटियां थी और प्रकोष्ठ थे उनको भी बर्दाश्त किया गया था। साथ ही पदाधिकारियों को भी हटा दिया गया था, किंतु संगठन का पुनर्गठन नहीं होने के कारण कांग्रेस में विधायकों का दबदबा बढ़ा और संगठन को सत्ता के सामने झुकना पड़ा है।

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कांग्रेस के इस तरह की ढुलमुल रवैया के कारण न केवल संगठन को नुकसान होगा, बल्कि कांग्रेस की सरकार के ऊपर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को इसका निगम चुनाव में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।