सन्यास आश्रम के अंतिम पड़ाव पर किरोड़ीलाल मीणा ने ट्वीटर को बनाया हथियार

जयपुर। कभी 3 से 5 लाख तक की भीड़ जुटाकर मुख्यमंत्री बनने के सपने देखने वाले मीणा समाज के बड़े नेता किरोड़ीलाल मीणा इन दिनों अपने सन्यास आश्रम के अंतिम पड़ाव पर ट्वीटर को हथियार बनाने में जुटे हैं।

भले भी 9 साल बाद फिर से पार्टी में लौरकर मीणा राज्यसभा सांसद बन गए हों, किन्तु उनकी स्थिति आज पार्टी में ज्यादा कुछ नहीं है। अपने क्षेत्र और समाज में पकड़ कमजोर करते जा रहे मीणा को पहले जसकौर मीणा के मुकाबले कमतर किया गया, तो अब उनके ही समाज से जितेंद्र मीणा जैसे युवा को एसटी मोर्चा का अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने जबरदस्त झटका दिया है।

रमेश मीणा, पीआर मीणा, मुरारी लाल मीणा जैसे नेताओं के उभरने से मीणा समाज में लगातार खुद को कमजोर महसूस मानने के कारण इन दिनों किरोड़ीलाल मीणा ट्वीटर और सोशल मीडिया को हथियार बनाने को जुटे हैं, पर उनको ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा है।

कभी मीणा समाज के एकमात्र नेता बनकर वसुंधरा राजे की पहली सरकार में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री पद पर धाक ज़माने वाले किरोड़ीलाल अब अपना खोया हुआ वजूद तलाशने में जुटे हैं।

हालात इस कदर प्रतिकूल हो चुके हैं कि आज किरोड़ीलाल मीणा को उनके समाज में कांग्रेस के रमेश मीणा, मुरारीलाल मीणा, पीआर मीणा चुनौती दे रहे हैं तो भाजपा में भी जितेंद्र मीणा को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनने के कारण ज्यादा असुरक्षा दिखाई देने लगी है।

अंततः, एक ज़माने में खुद के दम पर सरकार को सड़क पर बुला लेने की हिम्मत दिखाने और 2013 के विधानसभा चुनाव में अपने दल के पास सत्ता की चाबी होने का दम्भ भरने वाले किरोड़ीलाल मीणा को उनके ही दल में ही कोई पूछने वाला नहीं है।

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प्रदेश में राजस्थान विवि की राजनीति से लेकर आमेर में 2013 के विधानसभा चुनाव तक तकरार रखने वाले किरोड़ीलाल आज संगठन में जगह तलाश रहे हैं, पर प्रदेश भाजपा या केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने के चलते ट्वीटर को हथियार के रूप में काम ले रहे हैं।