बीजेपी में मोर्चा प्रदेशाध्यक्षों का ऐलान: संगठन ने उतारे ज़मीनी लोग, हेरारकी तोड़ी

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने बुधवार शाम को प्रदेश के विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश नेतृत्व के द्वारा हेरारकी तोड़ते हुए जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अवसर प्रदान किया है।

जयपुर की बेटी और उदयपुर की बहू डॉ अल्का मूंदड़ा को महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले महिला मोर्चा अध्यक्ष के लिए पदानुक्रम को महत्व दिया जाता था।

बताया जा रहा है कि ‘भाजपा-कांग्रेस में तुलनात्मक अध्ययन’ विषय में पीएचडी धारक मूंदड़ा इससे पहले उदयपुर जिलाध्यक्ष, प्रदेश मंत्री और फिर प्रदेश महामंत्री पद से होते हुए प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष पद पर पहुंचीं हैं।

हमेशा सक्रिय रहकर संगठन की सेवा में तत्पर रहने के चलते डॉ मूंदड़ा को प्रदेश महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई है। कारोबारी परिवार से संबंध रखने वालीं डॉ मूंदड़ा गैर राजनीतिक परिवार से आती हैं। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व के द्वारा एक आम कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने का काम किया गया है।


इसी प्रकार से सीकर में किसान परिवार से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले हरिराम रणवा को किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर शुशोभित किया गया है। हरिराम रणवा लंबे समय से भाजपा में विभिन्न विभागों में काम कर चुके हैं।


सबसे ज्यादा प्रतीक्षा का विषय बने हुए, खासकर युवाओं के लिए, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर हिमांशु शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनको अशोक सैनी की जगह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अजमेर निवासी जयपुर में प्रैक्टिस करने वाले शर्मा का नाम उद्योगपति और समाजसेवी जयसिंह सेठिया के जंवाई शर्मा 35 की उम्र सीमा में भी आते हैं।

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शेखावाटी क्षेत्र से आने वाले युवा नेता और विधानसभा अध्यक्ष रहे कैलाश चंद मेघवाल के स्थान पर पार्टी में स्थापित होते जा रहे कैलाश मेघवाल को एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर लगाया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने वाले कैलाश मेघवाल प्रदेश नेतृत्व की पसंद माने जाते हैं।

इसी तरह से राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति से आगे बढ़ते हुए निवर्तमान प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र मीणा को एसटी मोर्चा की कमान सौंपी गई है। जितेंद्र मीणा युवा होने के साथ ही उनको राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के स्थान पर स्थापित किए जाने के रूप में भी देखा जा रहा है।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यकक्ष फिर से ओमप्राकश भड़ाना बने हैं। इससे पहले भी ओमप्रकाश भडाणा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष थे। ओमप्रकाश भडाणा ओबीसी मोर्चा में काम करते हुए काफी सक्रिय रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी होने का भी उनको फायदा मिला है।


इसी तरह से प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के पद पर सादिक खान बने हैं। अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बनने से पहले मोहम्मद सादिक खान विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। सक्रिय रुप से पार्टी के लिए काम करने वाले सादिक खान को उनकी मेहनत और प्रदेश नेतृत्व की गुड लिस्ट में होने का फायदा मिला है।