राजस्थान: 37 बुद्धिजीवियों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अशोक गहलोत को बताया नाकारा मुख्यमंत्री!

जयपुर। राज्य की अशोक गहलोत सरकार की नाकामियों से क्षुब्ध होकर प्रदेश के 37 बुद्धिजीवियों ने राज्यपाल कलराज मिश्र को पत्र लिखा है। पत्र लिखने वालों में पूर्व कुलपति, पूर्व पुलिस अधिकारी, माननीय राज्यपाल महोदय, पूर्व आरपीएससी सदस्य, सेना के अधिकारी शामिल हैं।

इन बुद्धिजीवियों का कहना है कि राज्य में गैंगरेप, बलात्कार, हत्या, महिला उत्पीड़न समेत अपराधों में भयावह वृद्धि हुई है। इसको लेकर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।

यह है पत्र
राजस्थान , जयपुर
महोदय,
विषय : राजस्थान के प्रबुद्धजनों के हस्ताक्षरित पत्र
निवेदन है कि निम्नलिखित प्रबुद्धजनों के हस्ताक्षरित पत्र आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है :

असंवेदनशील राजस्थान सरकार के कारण बढ़ती अमानवीय घटनाओं से क्षुब्ध होकर प्रदेश के प्रबुद्ध वर्ग ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन-
जयपुर,15 अक्टूबर 2020, प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के साथ अपहरण, दुष्कर्म, गैंग रेप एवं दलितों के साथ अत्याचार जैसी अनेक अमानवीय घटनाओं से क्षुब्ध होकर राज्य के प्रबुद्ध वर्ग ने राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है।


प्रदेश में हाल ही में घटी बहुत सारी घटनाएं जिनमें सीकर में कक्षा आठ में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार हुआ। उसका वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी के साथ अन्य साथियों ने दुष्कर्म किया।

सिरोही की नाबालिक लड़की के साथ गैंगरेप का जघन्य अपराध घटित होने पर आबूरोड के सदर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया।

बारां जिले में दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर गैंगरेप की घटना सामने आई। बारां महिला थाने में अपहरण व गैंगरेप का नामजद मुकदमा भी दर्ज हुआ है।

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बाड़मेर के शिव थाना क्षेत्र में बच्ची के घर में अकेली होने पर दो मोटरसाइकिल सवार घर में घुसकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर ले गए और बच्ची को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए, जिसका मुकदमा शिव थाना क्षेत्र में भी दर्ज हुआ।

करौली के बुकना गांव में  मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाया गया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।


राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जे.पी. सिंघल ने बताया कि प्रदेश में हो रहे इस तरह की जघन्य अपराध एवं अमानवीय घटनाओं से प्रदेशवासियों में आक्रोश व भय बना हुआ है वर्ष 2019 एवं 2020 में भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के साथ अपराधों में वृद्धि एवं दुष्कर्म संबंधी अपराधों में राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार राजस्थान पहले एवं दूसरे स्थान पर आ गया है।

प्रदेश की बहन-बेटियां असुरक्षित महसूस कर भय के वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। पुलिस प्रशासन भी इन अपराधों पर आंख बंद करके बैठा है। जिससे संपूर्ण समाज चिंतित है। ज्ञापन देने वालों में करीब सोलह पूर्व कुलपति, पूर्वआईएएस, आईपीएस,  सेना के पूर्व अधिकारी जनरल, कर्नल, मेजर, पूर्व आयकर आयुक्त एवं सरकार के विभिन्न आयोगों के पूर्व अध्यक्ष शामिल रहे।
जगदीश प्रसाद सिंघल
पूर्व कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर
9414068780
कन्हैयालाल बेरवाल
पूर्व आईपीएस एवं सदस्य लोक सेवा आयोग
9413306606

इनके हैं हस्ताक्षर

श्री जे पी सिंहल पूर्व वी सी
श्री एम एल छीपा पूर्व वी सी
श्री बी एम मीना पूर्व आईएएस
श्री एस एस बिस्सा पूर्व आईएएस
श्री पी के दशोरा पूर्व वी सी, सं आरपीएससी
श्री लोकेश शेखावत पूर्व वी सी
श्री कैलाश शोडानी पूर्व वी सी
श्री बी एल चौधरी पूर्व वी सी ,बोर्ड अध्यक्ष
श्री राकेश कोठारी पूर्व वी सी
श्री जे पी शर्मा पूर्व वी सी
श्री बी आर छीपा पूर्व वी सी
श्री उमाशंकर शर्मा पूर्व वी सी
श्री जसवीर सिंह पूर्व आयोग अध्यक्ष
श्री मनोहरलाल कालरा पूर्व वी सी
श्री कन्हैयालाल बेरवाल पूर्व स. आरपीएससी
श्री वीर बहादुर सिंह पूर्व वी सी
श्री भरतराम कुम्हार पूर्व अध्यक्ष रा.से.बोर्ड
श्री देव कोठारी पूर्व अध्यक्ष भाषा अकादमी
श्री वी एस कोठारी पूर्व आयुक्त आयकर
श्री अनुज माथुर सेनि मेजर जनरल
श्री ओ पी गुप्ता सेनि आरएएस
श्री मोती सिंह सेनि कर्नल
श्री आदित्य नाग शिक्षाविद्
श्रीमति सरोजकुमारी पुर्व अध्यक्ष बोर्ड
श्रीमति सरोजखान महासचिव
श्रीमति मनन चतुर्वेदी पूर्व अध्यक्ष बोर्ड
श्री देवेश बंसल सीनि. स्टे. कॉन्सलर जीओआई
श्री हिदायतखॉ पूर्व अध्यक्ष म.बोर्ड
श्री राजेन्द्रसिंह शेखावत सेनि पुलिस अधिकारी
श्री एस डी शर्मा अध्यक्ष देव स्थान बोर्डशस
श्री प्रभूसिंह राठौड़ सेनि मेजर जनरल
श्री विश्वम्भरसिंह सेनि ले. जनरल
श्री कैलाश शर्मा पूर्व वी सी
श्री टी एन भारद्वाज पूर्व वी सी
श्री विमल प्रसाद अग्रवाल पूर्व अ. से.बोर्ड
श्री अशोक शर्मा पूर्व वी सी
श्री एन पी कौशिक पूर्व वी सी

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