गहलोत सरकार में फिर बगावत शुरू, इस बार दलित बनाम ब्राह्मण मंत्री

जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार का गठन अभी केवल 20 महीने हुए हैं, लेकिन लगता है सरकार पूरे 5 साल में ही निकाल पाएगी। पहले उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच सत्ता की जंग हुई और अब दलित विधायक बनाम ब्राह्मण मंत्री के रूप में नई लड़ाई सामने आ रही है।

कांग्रेस के विधायक बाबूलाल बैरवा ने आरोप लगाया है कि अशोक गहलोत की सरकार में ब्राह्मण मंत्री दलित विधायकों की सुनवाई नहीं करते हैं, जिसके चलते दलित मतदाता सरकार से नाखुश हैं।

बाबूलाल बैरवा पहले विधायक नहीं है जिन्होंने इस तरह के आरोप लगाए हैं। इससे पहले भी अन्य कई विधायकों ने सरकार पर सीधे तौर पर काम नहीं होने के आरोप लगाकर अशोक गहलोत सरकार को नाकाम करार दिया था।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की राजनीतिक लड़ाई के बीच बाबूलाल बैरवा का बयान काफी मायने रखता है। खासतौर से जयपुर जोधपुर और कोटा में नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाकर बाबूलाल बैरवा ने अशोक गहलोत सरकार को मुश्किल में डाल दिया है।

हालांकि बाबूलाल बैरवा की तरह ही अन्य कई विधायक पहले से अशोक गहलोत सरकार की कार्यशैली से नाखुश हैं और इसके चलते बीच-बीच में पत्र लिखकर भी सरकार को जनता के काम करने के लिए और विधायकों की सुनवाई करने के लिए मांग की जाती रही है।

यह भी पढ़ें :  इस तरह सचिन पायलट को एक और मात देने की तैयारी में हैं अशोक गहलोत...