टोंक में रामबिलास चौधरी और महावीर तोगड़ा का नाम शीर्ष पर, अन्य भी कर रहे हैं प्रयास

जल्द होगी कांग्रेस जिलाध्यक्ष की घोषणा
टोंक। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच गत दिनों चले घमासान के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव किया गया था। संगठन ने प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।

बाद में गोविन्द सिंह डोटासरा को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन जिलों में किसी को भी नए पद नहीं दिए गए हैं। ऐमें अब जिलाध्यक्ष को लेकर घमासान चल रहा है।

टोंक जिले में भी जिलाध्यक्ष की दौड़ में लम्बी फेहरिशत है। इन दिनों चल रही भाग दौड़ और डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट की बात की जाए तो टोंक जिलाध्यक्ष की दौड़ में पूर्व जिलाध्यक्ष रामबिलास चौधरी और महावीर तोगड़ा के नाम शीर्ष पर चल रहे हैं।

इसका आंकलन इससे लगाया जा सकता है कि जब अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच घमासान हुआ तो टोंक में रामबिलास चौधरी, महावीर तोगड़ा समेत अन्य सक्रिय हो गए थे।

गत दिनों कांग्रेस के हुए कार्यक्रम और किसी मंत्री के आने को लेकर भी देखा जाए तो रामबिलास चौधरी काफी नजदीक थे। गत दिनों रघु शर्मा आए तो राजकीय महाविद्यालय में हुए समारोह में रामबिलास चौधरी विशिष्ट अतिथि थे।

दूसरी ओर रामबिलास चौधरी गहलोत गुट के भी माने जाते हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष होने के नाते भी उम्मीद जताई जा सकती है कि रामबिलास चौधरी ने संगठन में फिर से पकड़ बना ली है।

लगातार उनके टोंक में दौरे से भी साफ है कि उनकी मंशा कांग्रेस संगठन में किसी बड़े पद को लेकर है। इसके अलावा अगर पायलट गुट और गहलोत गुट की बराबर चली तो टोंक जिलाध्यक्ष की सूची में दिनेश चौरासिया, अताउल्लाह खां, शिवजीराम मीणा, सलीमुद्दीन खां, किशनलाल फगोडिया आदि है।

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