जलाकर हत्या किए गए बाबू पुजारी का अंतिम संस्कार में राजनीतिक खेल चरम पर, गहलोत-राहुल क्यों नहीं पहुंचे?

करौली। जिले के सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के बुकना गांव में एक पुजारी की जमीन विवाद में जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में राजनीति तेज हो गई है। शुक्रवार शाम को मृतक पुजारी का शव उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया, किंतु परिजनों ने सभी मांगें माने जाने तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का कहना है कि परिजनों की मांग है कि मृतक पुजारी के बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए, सभी सरकारी योजनाओं का लाभ हो और साथ ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।

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मामले में पुलिस ने आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शंकर, नमो, रामलखन, इत्यादि की तलाश जारी है। प्रकरण को लेकर भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, अलका गुर्जर और जितेंद्र मीणा की एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी वहां पहुंचकर पड़ताल कर भाजपा अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

डॉ पूनियां का कहना है कि राजस्थान में गृह मंत्री और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं लेकिन पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है और लगातार प्रदेश में गैंग रेप, बलात्कार, महिला अत्याचार, दलित उत्पीड़न और अब तो यहां तक कि पुजारी तक को दिन में जिंदा जला दिया जाता है, लेकिन सरकार के जू तक नहीं रेंगती है।

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अब इस मामले में पुलिस के द्वारा शब्दों पर जाने पर भी परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। प्रदेशभर से ब्राह्मण समाज के द्वारा आक्रोशित होकर सरकार के खिलाफ जन आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है, तो दूसरी तरफ पुजारी संघ ने सभी मांगें माने जाने तक अंतिम संस्कार नहीं किए जाने का संकल्प लिया है।

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इधर, राज्यसभा सांसद और भाजपा के नेता किरोड़ी लाल मीणा परिवारजनों के साथ समझाइश का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही सरकार से सभी मांग पूरी किए जाने की डिमांड कर रहे हैं। धरना स्थल पर अब पुलिस अधीक्षक जिला कलेक्टर समेत उच्च अधिकारी पहुंच गए हैं।

उल्लेखनीय है कि मंदिर माफी की जमीन पर बाबू पुजारी के द्वारा झोपड़ी बनाकर रहने का काम किया जा रहा था, लेकिन आरोपी दबंगों के द्वारा उस जमीन पर कब्जा किया जा रहा था। इस मामले में कई बार उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष की गुहार लगाई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

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इस मंदिर की पुजारी परिवार की तरफ से पिछले 50 साल से सेवा की जा रही है, और पूरा परिवार यही पर रह रहा था, लेकिन दबंगों के द्वारा उस पर कब्जा करने का काम किया जा रहा था, जिसको रोकने के लिए पंचायत भी हो चुकी थी और काफी लोगों ने समझाने का भी काम किया था।

इधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके कहा है कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का काम कर लिया जाएगा। प्रदेश में अपराध पर नकेल कसने के लिए सरकार प्रयास कर रही है और जरूर सफल होगी।

मृतक पुजारी के परिजनों और रिश्तेदारों के अलावा गांव वालों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जब दलितों के मामले में उनके घर पहुंच जाते हैं, तो यहां पर पुजारी की बेरहमी से जलाकर हत्या किए जाने के बावजूद वहां पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं?

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