कोरोना संक्रमित लोगों के आंकड़े छुपा रही है अशोक गहलोत सरकार

सपोटरा में पुजारी की मौत के मामले पर डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा, प्रदेश में ‘‘कानून व्यवस्था ध्वस्त-अपराधी मस्त’’

कांग्रेस पार्टी बड़े विभाजन की ओर, प्रदेश में कांग्रेस की यह आखिरी सरकार है, अशोक गहलोत कांग्रेस पार्टी के बहादुरशाह जफर साबित होंगे: डाॅ. पूनियां

कार्यकर्ताओं की मेहनत से निकाय चुनाव
में परचम लहराएगी भाजपा: डाॅ. पूनियां

जयपुर/जोधपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने जोधपुर में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने और पीड़ितों के इलाज में सुविधाएं बढ़ाने की जगह आँकड़ों को छुपाकर आमजन को गुमराह कर रही है।

इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार कोरोना के संकट को रोकने और पीड़ितों को इलाज देने में असफल साबित हो रही है।

डाॅ. पूनियां के साथ प्रेसवार्ता में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, प्रदेश मंत्री के.के. विश्नोई, जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि अफसोस है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 20 महीने में कोई काबिल व्यक्ति कांग्रेस पार्टी में नहीं मिला जो गृह मंत्री के नाते काम कर सके और प्रदेश में बढ़ते अपराधों से अब जब पानी सर से ऊपर गुजर गया है, ऐसे में मुख्यमंत्री की चुप्पी और भी ज्यादा आश्चर्यजनक है। 


दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं, 12 से 18 साल की नाबालिग बच्चियों के साथ अपराधों में राजस्थान पूरे देश में पहले नम्बर पर है, राजस्थान में कांग्रेस सरकार आने के बाद दलितों, आदिवासियों सहित अपराधों में 64 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

यह सरकार ना तो कोरोना के संक्रमण को रोकने में सक्षम है और ना ही अपराधों को रोकने में सक्षम है। ऐसा लगता है कि सरकार और पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों के खिलाफ हमें सड़कों पर उतरना पड़ा और मुझे खुद को भी गिरफ्तारी देनी पड़ी, महज इसलिए कि अपराधों का संक्रमण कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है, जो सरकार की प्राथमिकता में नहीं है।

हमने महामहिम राज्यपाल से भी मिलकर उनसे हस्तक्षेप की मांग की है कि वह राज्य सरकार को निर्देशित करंे, जिससेे अपराधों पर लगाम लग सके।


उन्होंने कहा कि करौली के सपोटरा क्षेत्र में राधागोपाल मन्दिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जलती हुई झोंपड़ी में फेंक दिया और उनकी मौत हो गई, इसका मतलब स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई, अपराधियों में भय नहीं है और पुलिस की पंचलाइन जो थानों में लिखी होती है ‘‘अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास’’।

अशोक गहलोत के शासन में ऐसा लगता है कि यह पंच लाइन बदल गई, ‘‘अपराधी मस्त हैं-जनता त्रस्त है।’’ इसलिए यह पंचलाइन बदल गई कि ‘‘अपराधियों में विश्वास और आमजन में भय’’।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि मैंने बाड़मेर के अस्पताल में पहुँचकर नाबालिग दुूष्कर्म पीड़िता एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने कहा कि इस बच्ची के भविष्य का क्या होगा, तो सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं थी कि ऐसी घटनाओं के बाद बच्चियों का भविष्य क्या होगा?


उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद निगम के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं और इन तैयारियों के बीच मैंने जोधपुर स्थित सड़कों की दुर्दशा भी देखी मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र में निकाय के चुनाव में जाने से पहले जोधपुर के निवासियों को कोरोना से नहीं बचा पाए और सड़कों के गड्ढों से भी नहीं बचा पा रहे हैं।

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भाजपा ने निकाय चुनाव की तैयारियाँ पूरी मजबूती के साथ शुरू कर दी हैं। मुझे पूरा भरोसा है जोधपुर शहर के लोग वैचारिक रूप से भी राष्ट्रवाद के साथ जुड़े हैं और इस सरकार की कारगुजारी हो सभी भलीभाँति परिचित हो गए हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि कार्यकर्ताओं के जोश और मेहनत से सभी निकायों में भाजपा परचम लहराएगी। 


 पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की फिक्र करने की बजाय पहले खुद का घर सम्भाले, कांग्रेस पार्टी में इतनी दरार पैदा हो गई कि जिसकी पूर्ति अब सम्भव नहीं है। मैं ज्योतिष तो नहीं हूँ, न भविष्यवेत्ता हूँ, लेकिन मैं भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि राजस्थान में अब कांग्रेस पार्टी बहुत बड़े विभाजन की तरफ है। 


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट उस सियासी घटनाक्रम के बाद कभी एक मंच पर नहीं दिखे, कभी उनके बीच में संवाद की खबर नहीं आई और जब वो कहीं उपस्थित होते हैं तो मुख्यमंत्री जी नहीं जाते, जहाँ मुख्यमंत्री जी होते हैं वहाँ इनकी मौजूदगी नहीं होती।  


डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत मंत्रिमण्डल के विस्तार से बोर्ड और निगमों के बड़े-बड़े दावे करते थे और जबकि पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव सिर पर है, पूरी कांग्रेस पार्टी डिवाइडेड है, उनके सभी जिलों की इकाईयाँ बंद पड़ी हंै, ऐसे में कांग्रेस संगठनात्मक रूप से इतनी कमजोर हो गई हो सरकार के तौर पर उनके विधायक अपने मंत्रियों पर निशाना साधते हंै।

विधायक भरत सिंह ने भ्रष्टाचार के मसले को लेकर जो चिट्ठी लिखी, उस विग्रह के आधार पर कह सकता हूँ कि ये कांग्रेस पार्टी की प्रदेश में आखिरी सरकार है। अशोक गहलोत राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बहादुरशाह जफर साबित होंगे।

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