वसुंधरा के धुर विरोधी मानवेंद्र सिंह और तिवाड़ी की भाजपा में वापसी की तैयारी

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रहे पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह की भाजपा में वापसी के द्वार खुलते जा रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, भाजपा के विधायक वासुदेव देवनानी, रामलाल शर्मा, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पाली सांसद पीपी चौधरी समेत अनेक नेता जसवंत सिंह के निधन के बाद गुरुवार को मानवेंद्र सिंह के घर पहुंचे।

मानवेंद्र सिंह के घर पहुंचने वाले कांग्रेस के बड़े नेताओं में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ही और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी हैं। जोधपुर के नजदीक होने के बावजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभी भी मानवेंद्र सिंह के घर नहीं पहुंचे, इससे राजनीतिक तौर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

हालांकि, मानवेंद्र सिंह पूर्व में भाजपा के टिकट पर सांसद और विधायक रह चुके हैं, लेकिन वर्ष 2018 में वसुंधरा राजे के साथ राजनीतिक टकराव के चलते मानवेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़ दी थी और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

बाद में जैसलमेर बाड़मेर से मानवेंद्र सिंह लोकसभा का चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर हार गए थे। पिछले दिनों पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन

पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक टकराव के वक्त मानवेंद्र सिंह के भाजपा में लौटने का रास्ता साफ हो गया, जब सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले मानवेंद्र सिंह को लंबे समय से अशोक गहलोत सरकार द्वारा तो नहीं दिए जाने के कारण उनकी नाराजगी समर्थकों के माध्यम से सोशल मीडिया पर सामने आई।

मानवेंद्र सिंह के पिता जसवंत सिंह के निधन के बाद उनके घर सांत्वना देने वाले कांग्रेस के नेताओं में सचिन पायलट और रामेश्वर डूडी सबसे बड़े नाम हैं।

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कायदे से प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वहां पर सबसे पहले पहुंचने चाहिए थे, किंतु उनके नहीं जाने के कारण और भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा होने के कारण अब राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह की भाजपा में वापसी के लिए पिछले दिनों जो कयासबाजी लगाई जा रही थी, वह जल्दी ही साक्षात होने वाली है।

पिछले दिनों भाजपा के नेताओं के द्वारा भी अप्रत्यक्ष रूप से इस बात को स्वीकार किया गया था, कि मानवेंद्र सिंह की कभी भी भाजपा में वापसी हो सकती है।

हालांकि, प्रदेश के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के द्वारा इस बात को कहकर स्वीकार नहीं किया गया कि मानवेंद्र सिंह भाजपा में आ रहे हैं, किंतु उन्होंने इस बात से इनकार भी नहीं किया कि भाजपा से बागी होकर दूसरे दलों में गए या फिर निर्दलीय हुए नेताओं की भाजपा में वापसी नहीं हो सकती।

अब यह तो समय बताएगा कि मानवेंद्र सिंह व घनश्याम तिवाड़ी जैसे नेताओं की पार्टी में कब वापसी होगी, लेकिन इस तरह के कार्यक्रमों के बहाने भाजपा के दिग्गज नेताओं की एक जाजम पर बैठने की प्रक्रिया से स्पष्ट है कि जल्द ही भाजपा की वह नेता एकजुट होने जा रहे हैं, जो खासतौर से वसुंधरा राजे को राजस्थान से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

मानवेंद्र सिंह के वैसे भी वैचारिक तौर पर कांग्रेस के नेताओं के साथ संबंध मधुर नहीं बन पाए हैं खासतौर से राजस्थान में जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं और उनके करीबी लोग मानवेंद्र सिंह को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

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इधर भाजपा नेताओं के मानवेंद्र सिंह के घर जाने के दिन ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के भी बाड़मेर पहुंचने की खबर को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

यहां तक की कुछ लोगों ने इसको भी सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा, जबकि रास्ते में कई जगह बड़ी भीड़ के द्वारा सचिन पायलट का भव्य स्वागत किया गया है।

पहले जयपुर से टोंक जाते वक्त और अब जयपुर से जोधपुर-बाड़मेर जाते वक्त जिस तरह से पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का भव्य स्वागत हुआ है, उसके बाद अशोक गहलोत के एक गुट में खलबली मची हुई है।

माना जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह की भारतीय जनता पार्टी में वापसी के लिए सचिन पायलट के द्वारा इशारा कर दिया गया है। उनकी अनुमति मिलने के बाद आगे मानवेंद्र की विधिवत बीजेपी में वापसी की संभावनाओं को और ज्यादा बल मिल रहा है।