बाड़मेर में 15 साल की मासूम से सामूहिक बलात्कार, हॉस्पिटल में भर्ती, सरकार नींद में

बाड़मेर/जयपुर। राजस्थान पहले ही NRCB की महिला बलात्कार मामले की रिपोर्ट में देश में एक नम्बर आ चुका है। प्रदेश में लगातार महिला रेप की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। जहां उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले के बाद बलात्कार की घटनाओं को लेकर पूरे देश में गुस्सा है।

तमाम घटनाओं के बीच राजस्थान एक बार फिर दागदार हो गया है। यह मामला राजस्थान के पाक सीमा से सटे हुए बाड़मेर जिले का है। यहां के शिव थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप किया गया है।

इस प्रकरण के सामने आने के बाद जिला पुलिस और कलेक्टर प्रशासन के उच्च अधिकारी पीड़िता के हालचाल जानने के लिए राजकीय अस्पताल पहुंचे हैं, किन्तु अभी कोई विधायक, सांसद, मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे हैं।

जानकारी के मुताबिक पहले पीड़ित किशोरी को नजदीक से स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया था, किन्तु इस मामले की गंभीरता और पीड़िता की स्थिति देखते हुए बाद में जिला अस्पताल भेज दिया गया।

पीड़ित परिवार के मुताबिक पूरा परिवार पास ही के गांव में सरपंच चुनाव के लिए मतदान करने के लिए गया हुआ था। दोपहर में जब परिवार वापिस लौटे तो नाबालिग लड़की घर पर नहीं थी।

जिसके बाद उन्होंने परिजनों ने उसको आस पास ढूंढ़ा, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिला, तो घबराएं परिवार वालों ने भियाड़ पुलिस चौकी को सूचना दी।

जिसपर किशोरी की छानबीन शुरू की गई। इसके बाद देर शाम घर से कुछ ही दूरी पर नाबालिग अचेतावस्था में मिली। जिसपर उसको शिव सामुदायिक अस्पताल लाया गया, जहां से उसके प्राथमिक उपचार के बाद बाड़मेर जिला मुख्यालय रैफर कर दिया गया है।

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इस गंभीर घटना की जानकारी मिलने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने पीड़िता की कुशलक्षेम जानी है।

बाड़मेर कलेक्टर विश्राम मीणा, पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक महावीर प्रसाद सहित उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरी घटनाक्रम की जानकारी भी जुटाई है।

साथ ही उन्होंने उचित उपचार के लिए चिकित्सकों को भी निर्देशित किया। जिला एसपी आनंद शर्मा के अनुसार इस घटना में अभी दो लोगों को पूछताछ करने के लिए पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे।

पुलिस ने किशोरी से गैंगरेप मामले में पोक्सो एक्ट व आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस ने जहां जांच शुरू कर दी है। बालिका की इज़्ज़त से खेलने वालों की तलाश में पुलिस जुटने के साथ जिले के उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले पर मॉनिटरिंग करनी शुरू कर दी है।

जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने एक टीम का गठन किया है, जो जिले के अलावा जहां की संभावना है, वहां जगह- जगह दबिश दे रही है। किन्तु इसी बीच यह सवाल उठता है कि आखिर अशोक गहलोत सरकार वाले राजस्थान में बेटियां कब सुरक्षित होंगी?