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-शहर की हर रोड लाइट बदलीं, लेकिन विवि में वही मोटी हैलोजीन लाइट्स बढ़ा रही है बिजली की खपत
जयपुर।

केंद्र और राज्य सरकार राजस्थान के कई शहरों को स्मार्ट बनाने में जुटी हुई हैं। राजधानी जयपुर भी इसी श्रेणी में है। इसको लेकर शहर में जगह जगह निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। लेकिन इसी शहर में प्रदेश की सबसे पुरानी और बड़ी यूनिवर्सिटी, यानी राजस्थान विवि इससे अछूता है। विवि में एक भी काम ऐसा नहीं हो रहा है, जो स्मार्ट होने का अहसास करवाता हो।

हालांकि, विवि बीते दो साल से बिजली की कमी और मोटे बिजली बिलों से निजात पाने के लिए विवि ने यहां पर सोलर प्लांट लगाने का काम हाथ में लिया था, लेकिन वह बीच में ही बंद पड़ा है। करीब-करीब हर छत पर सोलर प्लेट्स लग चुकी हैं, लेकिन बावजूद इसके आजतक बिजली की सप्लाई नहीं हो पाई है।

हैलोजिन लाइट्स ही जलती हैं

विवि परिसर में बनीं सड़कों पर रोड लाइट्स पर आज भी बरसों पुरानी हैलोजिन लाइट्स लगी हुई हैं। ये लाइट्स जहां कम रोशनी करती हैं, तो साथ ही साथ बिजली की खपत भी कई गुणा अधिक हो रही है। साफ जाहिर है कि राज्य की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी आज भी स्मार्ट सिटी योजना से बाहर ही है। विवि प्रशासन इस बारे में यूनिवर्सिटी के आॅटोनोमस होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है।

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