governor kalyan singh and pro rk kothari
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-मुख्यमंत्री ने 30 मार्च को कुलपति का विकल्प तलाशने के लिए बुद्धिजीवियों को बुलाया
जयपुर।
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके कोठारी का 30 मार्च को इस्तीफा हो सकता है। राज्य सरकार की ओर से बनाए गए दबाव के बाद अब 30 तारीख को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुलपति का विकल्प तलाशने के लिए बुद्धिजीवियों को बुलाया है।

सूत्रों के अनुसार राजस्थान विवि के भी ऐसे प्रोफेसर, जो कांग्रेस की विचारधारा से ताल्लुख रखते हैं, उनको भी बुलाया गया है। इसके साथ ही तीन कुलपति दूसरे विश्वविद्यालयों से आमंत्रित किए गए हैं।

इनमें हाल ही हरदेव जोशी पत्रकारिता विवि का कुलपति बनाए गए ओम थानवी भी शामिल हैं। राजस्थान विवि प्रशासन के पास इसकी सूचना भिजवा दी गई है।

विवि के उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा है कि 30 मार्च को ही सीएम से मीटिंग के बाद कुलपति प्रो. कोठारी को इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है।

लगातार सुलह के प्रयास, लेकिन नहीं बनी बात

सूत्र बताते हैं कि कुलपति प्रो. कोठारी द्वारा राज्य में सरकार बदलने के बाद लगातार राज्य सरकार से सुलह के प्रयास किए।

लेकिन उच्च शिक्षामंत्री से लेकर विवि में एनएसयूआई के छात्रनेताओं द्वारा वाइस चांसलर प्रो. कोठारी को पद से हटाने का सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।

पिछले दिनों विवि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खुद सीएम गहलोत के साथ मंच साझा करते हुए प्रो. कोठारी ने खुद भी अपना पक्ष रखा था, किंतु बात नहीं बनी।

परंपरा चल पड़ी है

बता दें कि विवि में गहलोत की पूववर्ती सरकार के दौरान कुलपति बीएल शर्मा के बीच में इस्तीफे से शुरू हुई परंपरा अब पांचवें कुलपति तक पहुंच चुकी है।

वसुंधरा काल में 2013 के दौरान डॉ. देवस्वरूप सरकारी दबाव और उनके बाद कोर्ट के आदेश पर बीच में जेपी सिंघल का इस्तीफा हो चुका है। बीच-बीच में संभागीय आयुक्तों ने भी काम देखा है।

अब यदि कुलपति प्रो. कोठारी का भी इस्तीफा होता है तो ऐसे वक्त में किसी दूसरे विवि के कुलपति को ही कार्यभार सौंपा जा सकता है। कानूनन संभागीय आयुक्त को कार्यभार नहीं दिया जाएगा।

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