jaipur
गर्मी के चलते कई लोगों का पेड़ लगाने मन करता है, कई जगह अभियान चलाकर पेड़ लगाए जा रहे हैं। सरकार भी पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पौधों का वितरण करती है।

किंतु प्रदेश की सबसे बड़ी और पुरानी राजस्थान यूनिवर्सिटी में हर साल 20 पेड़ों की बली चढ़ाई जाती है, और वो भी हरे भरे की।

इस साल भी राजस्थान विवि में 20 से अधिक पेड़ काटे गए हैं, काटे गए सभी पेड़ हरे हैं। खास बात यह है कि विवि ने उनकी जगह कोई दूसरे पेड़ भी नहीं लगाए गए।

इससे भी मजेदार बात यह है कि इन पेड़ों को काटने का काम भी रात के समय किया जाता है, ताकि छात्रों का विरोध नहीं हो, और अधिकारी देखते भी नहीं।

राजधानी के बीचों-बीच स्थिति इस विवि में प्रशासन को पेड़ काटने के बाद उनकी जगह दूसरे पौधे लगाने की भी फुरसत नहीं मिली और ठेकेदार ने रात के वक्त ठेके में मिले पेड़ों से अधिक पेड़ों की बली चढ़ा दी।

विवि प्रशासन की नाकामी और ठेकेदारों के द्वारा जिम्मेदारों की मिलीभगत से आहत विवि के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है।

विवि में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई प्रमुख सज्जन कुमार सैनी ने आज रजिस्ट्रार को ज्ञापन देकर सख्त चेतावनी दी है।

सैनी ने ज्ञापन में लिखा है कि एक भी पेड़ नहीं काटा जाए, और सूखा पेड़ अधिकरियों की निगरानी में दिन में काटना चाहिए।

साथ ही एक पेड़ की जगह कम से कम दो पेड़ लगाए जाएं और अगले पांच साल तक उनकी सेवा की जाए।