राजस्थान में रोडवेज कर्मियों  की हड़ताल का 16वां,  एक रोडवेज कर्मी ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी

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जयपुर।

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान रोडवेज के करीब 22000 कर्मचारी आज 16 दिन से हड़ताल पर पूरे राजस्थान की 4500 से ज्यादा रोडवेज बसें बंद पड़ी है। इस बीच आज एक सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मी ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
वीरेंद्रनाथ भार्गव नामक रिटायर कर्मी ने आज सुबह सिविल लाइन फाटक के सामने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक वीरेंद्रनाथ भार्गव रिटायरमेंट का भुगतान नहीं होने से परेशान था।

वीरेंद्रनाथ भार्गव जयपुर के वैशाली नगर डिपो से मैकेनिक के पद से रिटायर हुआ था। रोडवेज के समस्त कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिलने और सातवां वेतनमान लागू नहीं करने को लेकर हड़ताल पर हैं। 16 दिन की हड़ताल से हैं, इसमे 8 दिन से कई कर्मचारी अनशन कर रहे हैं।

राज्य सरकार, यूनूस खान की हठधर्मिता व संवेदनहीनता के चलते सेवानिवृति लाभ भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक तंगी से अवसाद में आकर वैशालीनगर आगार के मैकेनिक वीरेन्द्र भार्गव ने सिविल लाइन्स फाटक पर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
हड़ताली कर्मचारियों ने कहा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया मर्डर है। इस मर्डर के लिए जिम्मेदार यूनूस खान और रोडवेज एमडी शैलेन्द्र अग्रवाल हैं, इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि आश्रितों को 15 दिवस में पूरा भुगतान हो और राज्य सरकार से मुआवजा दिया जाए।हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि एक माह के अंदर समस्त कर्मचारियों को सेवानिवृत लाभ दिए जाए, ताकि पुनः इस प्रकार की घटना की पुनावृति नहीं हो।