vasundhara raje rajyvardhan singh rathore
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जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंड़ल में 25 कैबिनेट, 9 स्वतंत्र और 24 राज्यमंत्री बनाए गए हैं। राजस्थान से तीन सांसदों को चुना है, जिनमें एक कैबिनेट और दो राज्य मंत्री बने हैं।

सबसे चौकानें वाले नाम हनुमान बेनीवाल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के हैं, जिनको मोदी सरकार में जगह नहीं​ मिली है। माना जा रहा है कि बेनीवाल को हरियाणा, बिहार और ​पश्चिम बंगाल में करीब 8 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद विस्तार में मंत्री बनाया जा सकता है।

वहीं राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जो कि पूर्व की मोदी सरकार में खेल, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री थे, उनको राजस्थान भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है। अध्यक्ष मदनलाल सैनी का कभी इस्तीफा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि इस बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को राजस्थान में करीब—करीब साइड लाइन किया जा चुका है। अब यदि राठौड़ को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी जाती है, तो निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि राजे की अब राज्य से विदाई हो रही है।

इधर, इस बारे में हनुमान बेनीवाल या राज्यर्धन सिंह राठौड़ का कोई बयान सामने नहीं आया है। दोनों ही के समर्थक निराश और नाराज हैं। दोनों की उम्र लगभग समान है।

मोदी के पिछले कार्यकाल में राजस्थान से चार मंत्री थे। इस बार गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट में जगह मिली है। बताया तो यह जा रहा है कि अशोक गहलोत को उनके बेटे के माध्यम से करारी मात देने के कारण शेखावत को इनाम मिला है।

इसी तरह से अर्जुनराम मेघवाल को फिर से राज्यमंत्री बनाया गया है। उनको अनुभव के आधार पर तहरीज दी गई है। साथ ही अनुसूचित जाति के होने के कारण प्रतिनिधित्व दिए जाने की चर्चा है।

बाड़मेर—जैसलमेर से जीतकर आए कैलाश चौधरी को संघ और जाट समाज को खुश करने के लिए जगह मिली है। वह पहली बार सांसद बने हैं। उन्होंने कांग्रेस के स्वाभिमानी नेता मानवेंद्र सिंह को करारी शिकस्त दी थी।