parliament election 2019
parliament election 2019 (rajasthan)

रामगोपाल जाट

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर देश में पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है, अब छह चरण के मतदान बाकी हैं। राजस्थान में भी दो चरण में मतदान होगा।

इस बीच हम आपको बता रहे हैं कि राजस्थान में 68 साल के लोकसभा चुनाव इतिहास में किस तरह समीकरण बदले।

इन चुनावों में केवल दो ही मौके ऐसे आए हैं, जब किसी एक पार्टी को सभी संसदीय सीटों पर जीत हासिल हुई है। पहली बार इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को, दूसरी बात नरेंद्र मोदी को 2014 में।

इसके अलावा अब तक किसी भी पार्टी को सभी सीटों पर जीत हासिल नहीं हो पाई है। हालांकि, पहले ही लोकसभा चुनाव में 22 संसदीय सीटों में से 6 सीटों में निर्दलीय उम्मीदवार जीत कर लोकसभा पहुंचे थे।

कांग्रेस पार्टी के सामने चुनौती पेश करने वाली भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1982 में हुई। 1989 में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी ने जबरदस्त परफॉर्मेंस दी। राजस्थान में लोकसभा चुनाव का यह है इतिहास-

1951- कांग्रेस 9, आरआरपी 3, बीजेएस एक, केएलपी एक, निर्दलीय 6 उम्मीदवार जीते

1957- कांग्रेस 19, निर्दलीय 3 प्रत्याशी जीते।

1962- 22 सीटों में से कांग्रेस 14, स्वतंत्र पार्टी 3, बीजेएस एक, आरआरपी एक, निर्दलीय 3 उम्मीदवार जीते।

1967- इस बार 23 में से कांग्रेस 10, स्वतंत्र पार्टी 8, बीजेएस 3, अन्य 2 को जीत मिली।

1971- कांग्रेस 14, बीजेपीएस 4, स्वतंत्र को 3, दो अन्य जीते।

1977- जनता पार्टी 24, कांग्रेस एक सीट जीत पाई।

1980- कांग्रेस (I) 18, जेपी 4, जेपीएस 2, एक सीट पर कांग्रेस (U) का उम्मीदवार जीता।

1984- सभी 25 कांग्रेस को, बीजेपी को 0 सीट।

1989- बीजेप 13 और जनता दल 11 सीट पर जीत मिली, सीपीआई एक, कांग्रेस साफ हो गई।

1991- कांग्रेस 13, बीजेपी 12 सीट पर जीत मिली।

1996- कांग्रेस 12, भाजपा 12 और एक सीट पर AIIC को जीत मिली।

1998- कांग्रेस 16, भाजपा 5, एक AIIC जीता।

1999- लोकसभा चुनाव में बीजेपी 16, कांग्रेस ने 9 सीट जीतीं।

2004- केे लोकसभा में चुनाव में कांंग्रेस को 4 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 21 सीट जीतने में कामयाब रही।

2009- कांग्रेस को 20, बीजेपी को 4, निर्दलीय एक सीट पर जीता।

2014- पहली बार सभी 25 सीटें मोदी को मिलीं, कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।