beniwal in bjp office with bjp leaders
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जयपुर।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार 4 सीटों पर कांग्रेस की जीत लगभग तय बताई गई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई 4 सीटें गिनाने भी आलाकमान के समक्ष नहीं जा पा रही है। सीकर सीट को हर कांग्रेसी पक्की जीत बता रहे हैं, लेकिन यहां पर भी मोदी बनाम महरिया हो गया है। रही सही कसर कॉमरेड अमराराम का किसान वोटबैंक निकाल देगा।

अलवर की सीट अब बुरी तरह से फंस चुकी है,​ जिसको लेकर कांग्रेस जितेंद्र सिंह के सहारे जीत के लिए आश्वस्त थी। कांग्रेस और उसके आलाकमान को फील्ड से मिल रहे फीडबैक की बात करें तो राजस्थान में कांग्रेस की सबसे मजबूत स्थिति सीकर लोकसभा सीट ही बची है, जो अमराराम के चलते उलट फेर का शिकार हो सकती है।

इसके बाद टोंक-सवाईमाधोपुर पर जीत मानकर एक तरह से जश्न की तैयारी कर रही कांग्रेस को पता नहीं है कि यहां पर मीणा वोटर्स के सहारे जो जीत की उम्मीद है, वो लगभग उतने ही गुर्जर वोटर्स के कारण धूमिल भी हो गई है।

इसके बाद बाड़मेर—जैसलमेर को भी कांग्रेस अपनी जीत की सीट बता रही है, लेकिन इस सीमावर्ती जिले में मोदी को लेकर लहर फिर से 2014 की नजर आ रही है। इसमें तड़का लगा रहे हैं हनुमान बेनीवाल, जो कि व्यक्तिगत तौर पर भजपा के कैलाश चौधरी के मित्र भी हैं और अब तक गठबंधन के तहत उनको प्रचार भी करना है।

जोधपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इज्जत दांव पर है। यहां के मतदाता को इस बात का अहसास भी हो चुका है कि मुकाबला अब गजेंद्र सिंह शेखावत बनाम वैभव गहलोत नहीं होकर मोदी बनाम गहलोत हो चुका है।

इन 9 सीटों पर आमने-सामने टक्कर की संभावना

प्रदेश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों की बात करें तो झुंझुनूं, भरतपुर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़, डूंगरपुर-बांसवाड़ा, करौली-धौलपुर, दौसा और उदयपुर सीटों पर मुकाबला रोचक और कुछ हद तक टक्कर होने की संभाना कांग्रेस पार्टी मान रही है।

जयपुर ग्रामीण में राज्यवर्धन सिंह और कृष्णा पूनिया के बीच मुकाबला बनता सा नजर आ रहा है। टिकट बंटवारे से पहले कांग्रेस समझ नहीं पा रही थी कि यहां पर किसको उतारें। कह सकते हैं कि कांग्रेस के पास राज्यवर्धन का तोड़ ही नहीं थ।

कांग्रेस मान रही है कि इन सीटों के परिणाम ज्यादा नजदीक रहने के आसार हैं, लेकिन मैदानी असलियत कोसों दूर नजर आ रही है। कांग्रेस यह भी मान रही है कि अगर उनके प्रत्याशी ढंग से प्रचार और मतदाताओं को प्रभावित करने में कामयाबी रहे तो जीत पक्की है।

इन 10 सीटों पर भाजपा की जीत करीब—करीब तय मानी जा रही है

राज्य की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस मुकाबले से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। यहां पर कांग्रेस प्रत्याशियों के पसीने छूटे रहे हैं। फिलहाल इन सीटों पर मुकाबला एकतरफा हो गया है। इनमें बारां-झालावाड़, भीलवाड़ा, अजमेर, चूरू, राजसमंद, चितौड़गढ़, कोटा-बूंदी, जयपुर शहर, जालौर-सिरोही और पाली पर भाजपा जबरस्त बढ़त बनाए हुए है।

यह फीडबैक कांग्रेस को मिल चुका है। शायद इसी का नतीजा है कि कांग्रेस पार्टी के आला नेता भी अब खुद को भाजपा के मुकाबले में कमजोर महसूस करने लगे हैं। भाजपा का आत्मविश्वास केवल मोदी पर टिका है।

हनुमान बेनीवाल के भाजपा के साथ आने पर पार्टी को बड़ा फायदा पहुंचा है। नागौर की सीट भाजपा गठबंधन को मिल ही रही है, इसके साथ ही इसका फायदा अजमेर, बाड़मेर, झुंझुनू, चूरू, जोधपुर, पाली, सीकर के अलावा जयपुर ग्रामीण में भी दिखाई दे रहा है।