“राफेल पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कथित झूठे बयानवीर का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिये”-भाजपा

फ्रांस के साथ हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कथित झूठ को बेनकाब करने के लिए भाजपा ने इन 9 कथित झूठे बयानों और उनसे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया है।

बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी ने अपने झूठ से भारतीय सैन्य बलों को अपमानित किया है और उनको आधे अधूरे तथ्य सामने रखने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिये। कथित तौर पर झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिये।

पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और इस गुनाह में उनके साथी The Hindu को अपनी खोज पर भरोसा था, तो उन्हें अपनी खोज के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि उन्हें खड़ा होने का मौका नहीं मिलेगा।

बीजेपी ने चुनोती दी है कि राहुल गांधी को चुनौती है कि वे इस नए तथ्य से साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।

बीजेपी का कहना है कि शुक्रवार को The Hindu अखबार ने सरकारी दस्तावेज के जरिए दावा किया था कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने राफेल मामले पर PMO द्वारा समानांतर बातचीत का विरोध किया था।

हालांकि, रक्षा मंत्रालय की आपत्ति का जवाब तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी दिया था, जिसे इस लेख में नहीं छापा गया।

राहुल गांधी के झूठ का पूरा ब्यौरा इस प्रकार हैं:-

झूठ नंबर 1: राहुल गांधी ने फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट ट्विस्ट करते हुए यह बताने की कोशिश की कि दसॉल्ट को भारत से डील करने के लिए अंबानी को ऑफसेट पार्टनर बनाना पड़ा?

तथ्य: सुप्रीम कोर्ट और दसॉल्ट के सीईओ ने कहा है कि ऑफसेट पार्टनर के चयन में भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था।

झूठ नंबर 2: राहुल गांधी ने भ्रांति फैलाने की कोशिश की कि सुप्रीम कोर्ट ने डील में गंभीर अनियमितता पाई है। लिहाजा, उन्होंने विचाराधीन मामले में प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की।

तथ्य: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की शह पर अपील करने वालों की याचिकाएं खारिज किया और कहा कि सरकार ने कुछ गलत नहीं किया।

झूठ नंबर 3: राहुल गांधी ने दावा किया कि रक्षा मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी को राफेल डील के विरोध में डिसेंट नोट प्रस्तुत करने के लिए मोदी सरकार ने सजा दी?

तथ्य: राहुल का यह झूठ बेनकाब हो गया जब अधिकारी ने खुद मीडिया से बातचीत में किसी भी तरह की सजा से इनकार किया।

झूठ नंबर 4: राहुल गांधी ने कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने पीएम मोदी को चोर कहा और भारत सरकार ने उनसे रिलायंस को शामिल करने के लिए कहा?

तथ्य: ओलांद ने इन आरोपों को खारिज किया. फ्रांस सरकार ने आधिकारिक बयान जारी किया।

झूठ नंबर 5: राहुल गांधी ने संसद में भी झूठ बोला और कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उनसे स्वयं कहा कि इसमें कोई गोपनीय धारा नहीं है।

तथ्य: फ्रांस सरकार ने उनके झूठ को खारिज करते हुए बयान जारी किया और कहा कि समझौता पार्टियों को क्लासिफाइड जानकारी साझा करने की इजाजत नहीं देता?

झूठ नंबर 6: राहुल गांधी ने यूपीए के दौरान डील की कई कीमतें बताईं?

-संसद में उन्होंने कहा 520 करोड़

-कर्नाटक में कहा 526 करोड़

-राजस्थान में कहा 540 करोड़

-दिल्ली में कहा 700 करोड़

विश्लेषण: वह झूठ बोलने के लिए, नोबेल के हकदार हैं।

झूठ नंबर 7: राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार ने सैन्य अधिग्रहण के नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया?

तथ्य: सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा: हम इस बात से सहमत हैं कि इस प्रक्रिया पर वास्तव में संदेह करने का कोई अवसर नहीं है।

झूठ नंबर 8: राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए ने 526/520/540 रुपये में डील की जबकि एनडीए ने यह डील 1600 करोड़ रुपये में की।

विश्लेषण: वे सेब की तुलना संतरे से कर रहे हैं। एनडीए द्वारा बातचीत के जरिए तय की गई कीमत पूरे परिचालन पैकेज के साथ राफेल विमान की है।

झूठ नंबर 9: राहुल गांधी ने कहा कि 36 विमान खरीदने का निर्णय वायुसेना को नुकसान पहुंचाने और दोस्त को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया?

तथ्य: माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह निर्णय सैन्य तैयारियों को ध्यान रखते हुए लिया गया और वायुसेना खुश है।

आप सभी देश के नागरिक फैसला कीजिए कि ऐसे तथाकथित बयानवीर का क्या करना है? (यह भाजपा ने अपील की है)

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