नई दिल्ली।

बुधवार को संसद में राफेल सौदे को लेकर एक बार फिर से कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी हमलावर हो गए। उन्होंने जेब से मोबाइल निकालकर गोवा के मंत्री ऑडियो संसद में सुनाने की परमिशन मांगी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इसकी अनुमति नहीं दी।

राहुल गांधी ने कहा कि वह यह ऑडियो लोकसभा में सुनाना चाहते हैं, लेकिन सुमित्र महाजन के मना करने पर उन्होंने कहा कि गए इसकी लिखित ट्रांसक्रिप्ट सुना सकते हैं, जिसके लिए भी लोकसभा अध्यक्ष ने इनकार कर दिया।

राहुल गांधी के बयान पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब देते हुए कहा कि काग्रेस अध्यक्ष दिन में 5 बार झूठ बोलते हैं और उनकी बातों पर कोई विश्वास नहीं करता है। जिस ऑडियो की बात राहुल गांधी कर रहे हैं, वह बिल्कुल फेंक है और उसने कोई सच्चाई नहीं है।

इससे पहले राहुल गांधी ने सदन में कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेडरूम में वह सभी फाइलें हैं जिनमें राफेल सौदे का घोटाला दबा हुआ है। इस पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जसोदा की तमाम तरह की जांच से इनकार कर चुका है, उसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगा रही है, जिसमें कोई दम नहीं है। इसलिए सरकार जेपीसी की मांग स्वीकार नहीं कर रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सदन में ऑडियो की लिखित ट्रांसक्रिप्ट पढ़कर सुनाना चाहते थे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उसकी परमिशन देने से इंकार कर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि जिस ऑडियो की बात राहुल गांधी कर रहे हैं, उसको पुष्टि करने के लिए लिखित में अगर देते हैं, तो वह सुनाने की अनुमति दे सकती हैं। लेकिन राहुल गांधी ने लिखित में पुष्टि करने से इंकार कर दिया, जिसके बाद सदन में हंगामा हो गया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी जिस का आरोप लगा रहे हैं, उसपर फ्रांस की सरकार इनकार कर चुकी है, सुप्रीम कोर्ट ने जहां से मना कर दिया है। इसके बाद भी राहुल गांधी बिना वजह सदन में चिल्ला रहे हैं। 5 बार झूठ बोलने का आरोप लगाया।