सपना सुहासा@नई दिल्ली।

बीते करीब 2 साल से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की सरकार को राफेल विमान सौदे में घेरने के तमाम प्रयासों में पूरी तरह से आज राहुल गांधी बेनकाब हो गए।

महालेखा नियंत्रक परीक्षक (CAG) द्वारा आज राज्यसभा में रिपोर्ट पेश करने के साथ ही यह दावा किया गया है कि राफेल विमान सौदे में भारत सरकार ने दूसरी बार अपनाई गई खरीद प्रणाली के चलते करीब 17% रकम की बचत का फायदा हुआ है।

इस रिपोर्ट के पेश होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमलावर हो गए। एक के बाद एक, कई ट्वीट कर जेटली ने विपक्ष की धज्जियां उड़ा दीं।

राहुल गांधी बेनकाब: CAG की रिपोर्ट में दावा 17.8% सस्ता हुआ राफेल का सौदा 1

उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट के बाद यह बात साफ हो गई है कि विपक्षी पार्टियां और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।

जेटली ने कहा कि यह लोग देश की जरूरतों के बजाय अपनी सियासत साधना में लगे हुए हैं। इसलिए कांग्रेस अपनी सियासत चमकाने के लिए झूठ पर झूठ गढ़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी को झूठों का सरताज बताया।

इससे पहले संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विपक्ष की तरफ से नारेबाजी की गई। संसद परिसर में ही कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों ने कागज के राफेल विमान बनाकर मीडिया के सामने आए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, समेत तमाम कांग्रेसी सांसदों ने महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन किया।

कैग (CAG) की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय सरकार ने जो सौदा किया, उसमें पिछले सरकार के मुकाबले 2.86 प्रतिशत की बचत की गई है।

जबकि, पिछली सरकार के द्वारा 126 राफेल विमान खरीदने और मोदी सरकार द्वारा 36 विमान खरीदने की तुलना की जाए तो देश की 17% से अधिक रकम की बचत हुई है।

इसके साथ ही कैग (CAG) रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 18 राफेल विमानों की डिलीवरी के मामले में भी मोदी सरकार करीब 5 महीने की बचत कर रही है।

कैग (CAG) रिपोर्ट पेश होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली विपक्ष पर हमलावर हो गए। उन्होंने कहा कि विपक्ष और कांग्रेस के ‘महाझूठबंधन’ का पर्दाफाश हो गया है, देश यह जान चुका है कि राफेल मामले को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से खरीदा गया है।

महालेखा नियंत्रक परीक्षक (सीएजी’ CAG) की रिपोर्ट पेश करने से पहले कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी सांसदों ने नारेबाजी की।

साथ ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राज्यसभा में कैग की रिपोर्ट पेश की जा चुकी है, लेकिन लोकसभा को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है।

जेटली ने कहा कि बीती साढे 4 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाली केंद्रीय सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के पास झूठे आरोप लगाने के अलावा कोई दूसरे मुद्दे नहीं है, इसके चलते राफेल विमान को घोटाला बताया जा रहा है।

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