world brain tumor day
world brain tumor day

—विश्व ब्रेन ट्यूमर डे

जयपुर।
दिनों दिन बढ़ती बीमारियों के बीच आजकल ब्रेन ट्यूमर के चलते मरीज की जान जाने का खतरा सबसे ज्यादा घातक रोगों में से एक हो गया है।

इसके होने का पता भी तब चलता है, जब मरीज आखिरी स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में मरीज को उपचार के लिए संभाल पाना भी कठिन है।

बड़ी बात यह है कि पहले यह बीमारी वृद्धवस्था की मानी जाती थी, लेकिन अब यह 20-25 साल के युुवाओं में भी तेजी से फैलने लगी है।

राजधानी के मशहूर न्यूरो सर्जन डॉ. राजवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस रोग के होने का सबसे बड़ा कारण आधुनिक दिनचर्या है। रहन—सहन और खान—पान बहुत बड़ा कारक है।

जिसमें मोबाइल टावर से निकलने वाला खतरनाक रेडिएशन ने ऐसा तड़का लगाया है कि वृद्धजनों को ही नहीं, अपितु युवाओं को भी इसने अपनी जकड़ में ले लिया है।

युवा वर्ग में बढ़ती धुुम्रपान की प्रवृत्ति, शराब का सेवन, वायु मेंं उच्च स्तरीय प्रदूषण, जल की बढ़ती हुई अशुद्धता और मोबाइल टावर से निकलने वाले बेतहाशा रेडिएशन से लोगों इस बीमारी से मारक क्षमता बढ़ी है।

आजकल हर घर में 5-10 मोबाइल होने के कारण, प्रत्येक व्यक्ति के पास बिस्तर तक रेडिएशन की पहुंच ने ब्रेन ट्यूमर को बढ़ाने में मदद की है।

क्या करें उपाय

डॉ. चौधरी बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर से बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि हमेशा हरी सब्जी, प्राकृतिक भोजन, फलों का अधिक उपयोग, मोबाइल से दूरी, नियमित व्यायाम, धुम्रपान नहीं करें और शराब का अधिक सेवन करने से पूरी तरह बचें।

इसके साथ ही जरूरी है कि समय समय पर अपनी सिटी स्केन और एमआरआई के द्वारा संभावित रोगोंं की पहचान कर समय पर दवा ली जा सकती है।

घातक है ब्रेन ट्यूमर

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर बेहद घातक रोग है। इसके की ग्रेड—1, ग्रेड—2 और ग्रेड—3 से कहीं ज्यादा ग्रेड-4 अवस्था मरीज के लिए जानलेवा होती है।

खास बात यह है कि यह अवस्था आजकल कम उम्र के लोगों में भी सामने आई है। मरीज के शरीर में जहां पर ट्यूमर बन जाता है, उसके आसपास रक्त की नसों पर दबाव बनता है और उससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

कई बार यकायक ब्रेन हैमरेज हो जाता है, जिसमेंं व्यक्ति के बचने की संभावना कम रहती है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति के हो सकता है।

ऐसी स्थिति में अगर मरीज मौत से बच जाता है उसके लकवा होने और मानसिक व शरीरिक विकार कायम रहने की संभावना बनी रहती है।