नई दिल्ली।
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु विश्व चैम्पियन बन गईं। उन्होंने विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में जारदार प्रदर्शन करते हुये रविवार को स्वर्ण पदक जीता। ऐसा कारनामा करने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं हैं। उन्होंने अपना यह खिताब अपनी मां और हर भारतीय को समर्पित किया है।

भारत की तरफ से ओलम्पिक में रजत पदक विजेता पीवी सिंधु बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में फाइन मुकाबला खेलते हुये जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को जोरदार पटखनी देते हुये 21-7, 21-7 से हराकर चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

पीवी सिंधु ने इस जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, ‘आज मेरी मां का जन्मदिन है और यह स्वर्ण पदक उन्हें समर्पित है। इसके अलावा यह खिताब हर भारतीय को समर्पित है। अब मैं इस पदक का जश्न बहुत अच्छे तरीके से मनाऊंगी, क्योंकि मुझे इस पदक का लंबे समय से इंतजार था।’

सिंधु इससे पहले बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में साल 2017 और वर्ष 2018 में भी रजत पदक तथा 2013 और 2014 में भी कांस्य पदक जीत चुकीं हैं। अब इस चैम्पियनशिप में उनके कुल पांच पदक हो गए हैं।

इस मौके पर सिंधु ने कहा कि ‘हर भारतीय को इस जीत की तलाश थी। खासकर उनके द्वारा ओलम्पिक में रजत पदक जीतने के बाद भारतीयों की मुझसे काफी उम्मीदें थीं। जब भी मैं टूनार्मेंट में खेलने जाती थी, लोग मुझसे पदक की उम्मीद लगाए बैठे रहते थे।’

‘इसलिए मुझे लगता है कि यह जीत मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि स्वर्ण जीतने वाली मैं पहली महिला खिलाड़ी बनी हूं। इसके लिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, क्योंकि उनके समर्थन के बिना यह आसान नहीं था।’

‘निश्चित रूप से यह मेरे लिए बहुत खुशी का समय है। मेरे लिए यह जीत बहुत जरूरी थी। दो कांस्य और दो रजत पदक के बाद आखिरकार मैं स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इसकी मुझे बहुत लंबे समय से उम्मीद थी।’