—5.5करोड़ का बंगला टोंक रोड पर लेकिन पुलिस मुख्यालय के हर कमरे की रौनक
जयपुर।
राजस्थान के पुलिस महकमे के बड़े अफसरों की फ़ौज का केंद्र जयपुर का पुलिस मुख्यालय है, किंतु इसकी रौनक आजकल टोंक रोड का एक बंगला बना हुआ है। बंगला है!

मकान नही, मतलब साफ है कि करोड़ों का ही होगा। बंगला वैसे तो साढ़े पांच करोड़ का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी कीमत कितनी होगी यह तो बंगले के मालिक ही बता सकते हैं। क्योंकि गांठ के पैसे उसी के लगे हैं!

साढ़े पांच करोड़ की चर्चा तो केवल पुलिस मुख्यालय के अफसरों के कमरों में ही बताई जा रहे है। इसका आंकलन कोई सर्वेयर ने या आर्किटेक्ट ने तो किया नहीं है, बल्कि अफसरों ने किया है। बंगला किसका है?

मतलब मालिक को है? गुसर-पुसर पुलिस मुख्यालय मे हो रही है, जाहिर है किसी बड़े अफसर का ही होगा?

किसी सेठ का तो होगा नहीं? बताया जा रहा है, बंगला पुलिस मुख्यालय से ज्यादा दूर नहीं है, कोई अफसर कहिन रहे कि हो सकता है पुलिस मुख्यालय की किसी खिड़की से भी बंगले के दर्शन हो जाये।

तो ये बात तो साफ हो ही गयी है कि टोंक रोड या कहें कि पुलिया मुख्यालय के इर्द गिर्द ही इस बंगले की मुंडेर होगी।

अब जिज्ञासा जागी तो हमने एक अफसर को पूछ ही लिया कि बंगला आखिर किसका है? एक बारगी अफसर घबराये, हमने हिम्मत बढ़ाई, विश्वास दिलाया कि यह राज, हमेशा राज ही रहेगा।

इस बात को हमारे अंदर ही दफन समझिये, लेकिन बोलिये तो, मन जानने को पछाड़े मार रहा है।

अफसर हमारे पत्रकारिता के मन की स्थिति को भाप गए। नाम बड़े अफसर का था, बोलते ही हम भी एक बारगी भौचके रह गए।

फिर ‘आमजन मे विश्वास, अपराधियों मे डर’ का पुलिस स्लोगन याद आया और पुलिस की इसके विपरीत फितरत भी।

आखिर बंगला पुलिस के चहरे माने जाने वाले बड़े अफसरों मे से ही किसी एक साहेब का निकला। खैर!

आश्चर्य क्या करना, हिम्मत की दाग देते है, बंगले-कोठी वर्दी रहते बन जाये और चर्चा गर्म होने की फिक्र न रहे तो समझो अफसर जल्द बेख़ौफ़ होकर महकमे से जल्द निकलने ही वाले हैं।